Spicejet विमान में यात्री चीखने और रोने लगे , 1 घंटा तक विमान हवाओं में तैरता रहा
- by Admin (News)
- Mar 22, 2021
Spicejet विमान अहमदाबाद से उड़ान भरकर राजस्थान के जैसलमेर एअरपोर्ट के रनवे पर लैंडिंग करने वाला था मगर ऐसा क्या हुआ कि जैसलमेर हवाई अड्डे के रनवे पर लैंडिंग नहीं कर पाया | पायलट की लाख कोशिश व तीन बार लैंडिंग का प्रयास करने के बावजूद असफलता हीं हाथ लगी और करीबन एक घंटे तक विमान की यहीं स्थिति बनी रही जिससे विमान हवा में तैरता रहा |
अन्दर बैठे लोग स्थिति महसूस कर अपने होश गवा दिए क्यूंकि उनमे घबराहट पैदा होने लगी , कई यात्री रोने भी लगे | ऐसे में प्लेन के अन्दर की बेचैन स्थिति और पायलट की कोशिश महसूस किया जा सकता है | खैर ... विमान जहाँ से उड़ान भरी थी वहीं यानि अहमदाबाद एअरपोर्ट के रनवे पर सुरक्षित लैंडिग कर दूसरे पायलट कि मदद से पुनः उड़ान भरकर विमान को जैसलमेर एअरपोर्ट पर सफलता से लैंडिंग कर यात्रियों को सुरक्षित पहुँचाया गया | देर शाम को पहुंचे यात्रियों के चहरे पर अद्भुत चमक दिखाई पड़ी और चिंता की झलक कम हुई |
हवा में उड़ती जिंदगी और तैरता विमान कब , कहाँ , कैसे अपनी नियत बदलेगा , सब समय का तकाजा है | विमान में बैठे लोगों ने सच्चे मन से ईश्वर को हीं याद किया होगा और साक्षात् देवा अभिदेव ने हीं उन सबको बचा लिया और विमान को भी किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई |
आज हमें 17 जुलाई 2000 की विमान घटना आँखों में तैरने लगा | जब सुबह करीब 9 बजकर 20 मीनट पर इंडियन एयरलाइन्स से सबंधित एलायंस एयर का एक विमान संख्या 7412 कोलकाता के नेताजी सुभाषचंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से उड़ान भरी थी | पटना एअरपोर्ट के नजदीक स्थित गर्दनीबाग में बने सरकारी आवास पर अपना नियंत्रण खोते हुए गिर गया था जिसे विमान में सवार 55 यात्री पायलट दल के 6 सदस्य एवं सरकारी आवास पटना के 5 लोगों की मौत हो गई थी | आग से झुलसे हुए 3 लोगो को बचाया जा सका था , ऐसी भयावह स्थिति देखकर रोंगटे खड़े हो जाते है | सूचना के आधार पर अगर भीड़ इकठ्ठा नहीं होती तो शायद ! लोगों को बचाया जा सकता था |आग बाद में लगी थी |
मगर ! ऐसा महसूस होता है कि कोई पॉवर हमारे आस-पास है जिसे मुसीबत में गर हम याद करें तो हमें बचाने के लिए वो दौड़ पड़ते है और यहीं स्थिति हुई Spicejet विमान कि जिसे अहमदाबाद से उड़कर अहमदाबाद में हीं लैंडिंग करनी पड़ी मगर ! शुक्र कि जान तो बच गई और पायलट दल के सहयोगी सदस्यों पर भी एक अलग चमक दिखाई दी | इसे कहते है "जाको राखें साइयां मार सके न कोए"
हमें सदैव ईश्वर को उनके पॉवर को याद करना चाहिए |

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