पोखरा से काठमांडू आ रही भारतीय बस नदी में गिरी , 14 की मौत , रेस्क्यू अभियान जारी | Bhavyashri News
- by Admin (News)
- Aug 23, 2024
आज सुबह नेपाल के मार्सयांगडी नदी में बस डूबने से 14 लोगो की मौत हो गई , ये सभी भारतीय थे | यह बस पोखरा से काठमांडू जा रही थी तभी तनहून जिले के मार्सयांगडी नदी में बस फिसलती हुई गिर पड़ी | इस बस में लगभग 40 यात्री सवार थे , ये सभी यात्री पोखरा के मझेरी रिसॉर्ट में ठहरे हुए थे | सुबह रिसॉर्ट स काठमांडू की तरफ रवाना हुए तभी यात्री इस दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए |
जानकारी मिलते हीं नेपाल सेना के एक MI-17 हेलिकॉप्टर काठमांडू के त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के हेलीपैड से मेडिकल टीम लेकर घटना स्थल की तरफ रवाना हुई |
हादसे की जानकारी मिलते हीं एस एस पी माधव पोडेल के नेतृत्व में नेपाल सेना और गोताखोर की टीम कार्य में लगाईं गई और बचाव कार्य जारी किया जिसके बाद 16 लोगो को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका है वहीं 14 लोग मृत पाए गए जिसका शव बरामद हुआ | जीवित 16 लोगो में कुछ लोग बोल पाने में भी असमर्थ है बाकी का उपचार चल रहा है |
तनहून डीएसपी दीपक कुमार राय ने कहा है कि मृतकों के बढ़ने की संभावना है | अभी तक रेस्क्यू कार्य जारी है क्यूंकि पहाड़ो पर रस्सी के सहारे नदी में उतरना और शव को बाहर लाना कठिनाई से भरा दौड़ है |
हादसे का पता लगते हीं वहां हाहाकार मच गया मगर इसमें तो सभी भारतीय थे इसलिए परिवार का पहुंचना तब हो पाता जब इसकी सूचना उनके परिवार तक पहुँचती | नेपाल पुलिस के अनुसार डूबे हुए बस का नंबर भारत का है जिसपर UP53FD7623 नंबर प्लेट लगा हुआ पाया गया | फिलहाल बस को भी नदी से बाहर निकाला जा चूका है और बस अभी नदी के किनारे है |
बस नदी में कैसे गिरी ? कारण का पता लगाया जा रहा है फिलहाल जुलाई में भी 2 बस भूस्खलन के कारण मलवे के साथ नदी में बह गई थी | यह हादसा चितवन जिले के नारायण घाट मुगलिंग मार्ग पर सिमलताल इलाके में हुई थी , इस हादसे में 7 भारतीयों की मौत हो गई थी |
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बारिश के कारण पहाड़ी इलाको में ऐसा हादसा देखा जा रहा है | भारत के पहाड़ी इलाको में भी कई ऐसे हादसे सामने आये जबकि लोगो को पता है और सरकार भी अक्सर चेतावनी देती है कि बारिश के मौसम में ऐसी जगह पर यात्रा न करे मगर लोग है की मानते नहीं और इसी मौसम में घुमना पसंद करते हैं | इसका कारण है कि बरसात को रोमांटिक मौसम माना जाता है जहाँ पेड़ पौधे धुलकर अद्दभुत नजारा पेश करते हुए इंसानी प्रवृति को अपनी तरफ आकर्षित करते है वहीं आसमान में भी इन्द्रधनुषी नजारा के साथ साथ गोल्डन और सिल्वर बादलों को देखना बड़ा लुभावना लगता है ऐसे में दिल मानता नहीं और लोग घूमने का प्रोग्राम आसानी से बना लेते है |
ऐसी घटना को अनहोनी मानकर लोग अपने दिल को तस्सली दे लेते हैं मगर चेतावनी बहुत बड़ी चीज है | जिंदगी नहीं मिलती दूबारा इसलिए जिंदगी के प्रति सचेत रहे | ऐसे जगह पर न जाए जहाँ जोखिम से गुजरना पड़े | ........... ( न्यूज़ / फीचर :- रुपेश आदित्या , एम० नूपुर की कलम से )
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