दिल्ली में एसिड अटैक से घायल हुई 17 वर्ष की बच्ची , बॉयफ्रेंड ने बात न करने पर तेज़ाब डाल दी | Bhavyashri News
- by Admin (News)
- Dec 17, 2022
दिल्ली के सफ़रदंज अस्पताल में तेज़ाब से घायल हुई एक बेटी सुरक्षा की बाट जोह रही है | इस लड़की पर तेज़ाब डालने वाले सरफिरे / मवाली ने जरा भी नहीं सोंचा इसका अंजाम क्या होगा ?
यह घटना राजधानी दिल्ली के द्वारिका की है जहाँ इन हैवानो ने इस 17 वर्ष की बच्ची को जिंदगी भर का दर्द दे दिया और देश भर के लोगो की बद्ददुआएं समेट ली | वहीं एक फ़रिश्ता जिन्होंने उस बच्ची के ऊपर बाल्टी भर पानी डालकर राहत पहुंचाई | यह फ़रिश्ता एक दुकानदार है जिन्होंने अपनी बारिकी सुझबुझ का परिचय देते हुए बेटी के जख्मो पर मलहम लगा दिया |
इनके सुझबुझ के कारण हीं बच्ची के चेहरे व आँखों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है | दुकानदार उस लड़की के चेहरे पर पानी नहीं डालते तो यह बच्ची एसिड अटैक के इस खतरे से बाहर नहीं आ पाती | अभी ये 8% इंजरी की चपेट में लिपटी है |
दुकानदार की कथनी सुने तो उन्होंने कहा कि - लड़की दौड़ती हुई घबराहट से भरी मेरे पास आई | मैंने समझ लिया की इसके चेहरे पर किसी ने तेज़ाब डाला है और यह जलन से छटपटा रही है और मैंने चेहरे पर बाल्टी भर पानी डाल दिया |
इस घटना को जारी रखते हुए हम जानकारी के आधार पर बताना चाहेंगे - डाले गए तेज़ाब पर अगर तुरंत पानी डाली जाए तो गंभीर जलन से पीड़ित या पीड़िता को रोका जा सकता है |
अस्पताल में अभी एक्सपर्ट की टीम बच्ची की उपचार में लगी है |
आरोपियों ने एसिड ऑनलाइन मंगाया था | पुलिस व प्रशासन की कोशिश हर संभव इसी दौड़ में है कि - जलनशील पदार्थ की खुलेआम मार्केटिंग पर रोक लगाईं जाए मगर अफ़सोस कि शातिर चोर के आगे ताला लगाने के बाद भी कैसे बचाव हो ? मगर आज की तारीख में CCTV कैमरा का उपलब्ध होना खतरा आमंत्रित करने वालो के लिए एक कड़ी निगरानी का लगाया जाना कहा जा सकता है जिसके तहत जघन्य अपराध करने वाले कई शातिरों को गिरफ्तार किया गया और इन शातिर दरिंदो को भी पुलिस ने CCTV कैमरे की सहयोग से गिरफ्तार कर लिया है |
पुलिस के अनुसार उन्हें सुबह 9 बजे PCR कॉल आई थी जिसमे 17 साल की लड़की जो सुबह 7:30 बजे स्कूल जा रही थी , बाइक पर सवार लड़को ने बच्ची पर एसिड फेंक दिया | दिल्ली पुलिस के अधिकारी बच्ची के स्वास्थ्य की निगरानी में अभी मौजूद है |
इस घटना को देखकर हमें याद आ गया तेज़ाब से घायल हुई लक्ष्मी अग्रवाल का वह खुबसूरत चेहरा जिसे मनचलों ने झुलसा दिया | इनकी जिंदगी व घटना पर एक फिल्म भी बनी थी "छपाक" जिसमे दीपिका पादुकोण ने लक्ष्मी अग्रवाल की भूमिका निभाई थी | यह सच है फिल्म जिंदगी नहीं बनती मगर जिंदगी फिल्म बनकर कितनो को सीख और सबक पहुंचा देती है |
लाख दर्द के बीच लक्ष्मी अग्रवाल टूटी नहीं और अपने नाम और काम को एक खुबसूरत मंजिल तक पहुंचा दिया | मगर हर बेटी लक्ष्मी अग्रवाल नहीं जो स्वयं के दर्द को समेटकर औरों को खुशियाँ बाँट सके | ऐसे मनचलों की जिंदगी का यहीं मकसद है - दुख पहुँचाना जो ठीक नहीं |
घायल अवस्था में भी पीड़िता ने संदिग्ध को पहचान लिया | मुख्य आरोपी का नाम सचिन अरोड़ा है , इन्होने एक प्राइवेट ई कॉमर्स साईट से एसिड ख़रीदा था | यह एसिड कितना इफेक्टिव है इसकी जाँच हो रही है |
एक महत्वपूर्ण व चौकाने वाली बात तो यह है कि - सचिन अरोड़ा और पीड़िता की दोस्ती थी | माह भर पूर्व किसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ फिर बाते बंद हो गई | सचिन ने कई बार बात करने की कोशिश की लेकिन लड़की ने अपने विचार नहीं बदले तो सचिन अरोड़ा ने बदला लेने के उदेश्य से ऐसा जघन्य अपराध को अंजाम दे दिया |
सचिन अरोड़ा के साथ पलानिंग करने वाले उनके दो मित्र हर्षित और वीरेंद्र भी पुलिस की गिरफ्त में कैद है |
एक छोटी सी भूल ने सारा गुलशन जला दिया | बचे और बचाएं स्वयं को और अपनी इस गन्दी सोंच और मकसद पर तेज़ाब डाले और कभी भी ऐसे शातिर मिजाज वाले दोस्तों का साथ न दे , नहीं तो वे अपने साथ आपको भी जिंदगी भर के दर्द में डूबो लेंगे | .......... ( न्यूज़ / फीचर :- रुपेश आदित्या , एम० नूपुर की कलम से )
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