बांग्लादेश में भारत के प्रधानमंत्री के दौड़े के खिलाफ प्रदर्शन , 12 जानें गई
- by Admin (News)
- Mar 29, 2021
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो दिवसीय कार्यक्रम को लेकर बांग्लादेश गए थे मगर ! ऐसा क्या हुआ ? कि वहां से भारत आने के तुरंत बाद बांग्लादेश में हिंसा ने भयानक रूप ले लिया | मंदिरों के साथ ट्रेन पर भी हमला बोला गया और इन उग्रवादियों के मन की आतिशबाजी ने लगभग 12 लोगो की जान ले ली है | सूचना के आधार पर शुक्रवार को इस्लामिक दल द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौड़े के खिलाफ चरमपंथी इस्लामिक दलों ने रविवार को अपना विरोध प्रदर्शन कर हमला बोला जिससे बांग्लादेश में कभी न पूर्ति होने वाली क्षति हुई है , जिससे कई जानें चली गई |
भारत के प्रधानमंत्री का यह दौड़ा शेख मुजीबुर रहमान की जन्मशताब्दी , भारत और बांग्लादेश के बीच देश संबंधो के 50 वर्ष पूर्ण होने और बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के 50 वर्ष पूरे होने से सम्बंधित थी |
प्रदर्शनकारियों का पुलिसकर्मियों के साथ नोक - झोंक , इसी बीच प्रदर्शन में सम्मलित 12 लोगो की जान चली गई जिससे हताहत होकर प्रदर्शनकारियों का विरोध , उग्र रूप ले लिया और ट्रेन पर हमला के द्वारा करीब दस लोग चोट से ग्रसित हो गए साथ हीं कई सरकारी दफ्तरों में आग लगाने की जानकारी मिली है व हिन्दू धर्म मंदिरों को क्षतिग्रस्त किया गया |
प्रधानमंत्री दो दिनों के दौड़े में बांग्लादेश गए थे और शनिवार को भारत वापस लौटने के बाद उन्होंने अपने ट्विट पर लिखा :- मै अपनी यात्रा के दौरान मिले स्नेह के लिए बांग्लादेश की जनता का आभारी हूँ | मै गर्मजोशी के साथ की गई मेहमानवाजी के लिए प्रधानमंत्री शेख हसीना और बांग्लादेश सरकार को धन्यवाद देता हूँ | प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी का उद्देश्य अपनी यात्रा से दोनों पड़ोसी देश के बीच एक मजबूत इरादा का बनना , प्रेम और सोहार्द व एकता बनायें रखना था |
बांग्लादेश में दोनों देश के प्रधानमंत्री द्वारा द्विपक्षीय संबंधो के सभी बिन्दुओं पर विचार विमर्श किये गए | साथ हीं भविष्य में भी आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधो को मजबूत बनाने हेतु सुमार्ग पर चर्चा हुई | प्रधानमंत्री का बांग्लादेश के प्रतिनिधि मंडल के साथ एक घंटे की बैठक हुई |
वैसे देखा जाये तो हर देश में विभिन्न विचारधाराओं वाले लोगों की कमी नहीं है , जैसे अपने हाथ में पांच ऊँगली जो एक समान नहीं | फिर भी मुट्ठी व मजबूती उन्हीं उंगलीयों से बनती है |
यह हर देश की जनता को चाहिए की अपने देश में प्रेम व सोहार्द की कामना की जाये और देश की तरक्की की बात की जाये न की उग्र होकर अपना आक्रोश प्रकट किया जाये , इससे सम्पूर्ण देश में उन उग्रता का सन्देश जाता है और वहां की जनता के मनोवृति का पता चलता है और नाम सबसे पहले देश का सामने आता है , जैसे फलां देश के व्यक्ति ने ऐसा किया , वैसा किया आदि आदि |
भारत सदैव अच्छी सोंच रखने वाला देश है जो अपने साथ - साथ हर देश की तरक्की चाहता है |प्रधानमंत्री का नेतृत्व मतलब पूरे देश का नेतृत्व| उग्र प्रवृति को सदैव प्रेम प्रवृति में पैदा कर धरती पर सरसों के फूल उगाने चाहिए तभी सभी देश की खुशबू विश्व पटल पर छायेगी |.....( न्यूज़ :- भव्याश्री डेस्क )

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