आज जया भादुरी बच्चन का जन्मदिन , जिन्होंने भारतीय संस्कृति को कायम रखा
- by Admin (News)
- Apr 09, 2021
आज 9 अप्रील है , बॉलीवुड अभिनेत्री व राज्यसभा सांसद जया भादुरी बच्चन का जन्मदिवस | इन्होने मध्यप्रदेश के जबलपुर की धरती पर जन्म लेकर भारत का नाम रौशन किया | लोग कहते हैं नन्हें बच्चों का लक्षण पालने में हीं दिखाई पड़ता है परन्तु यह कहना कहाँ तक उचित है ? इस मुद्दा से आगे बढ़ते हुए हम इतना जरुर कहना चाहेंगे कि पुत्र या पुत्री के लक्षण पालने में दिखाई पड़े न पड़े मगर ! स्नेह स्नेह उनकी गतिविधि से यह जानने व समझने में देर नहीं लगता है की ईश्वर ने उनके भाग्य को सोने या हीरे जड़ित स्याही से लिखे हैं |
दो बच्चों की माँ जया बच्चन को , महानायक अमिताभ बच्चन की पत्नी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ साथ हीं स्वयं भी करोड़ों लोगों के दिलो की धड़कन बनकर उनके मन मंदिर में बसती रही हैं , अपनी स्वच्छ , सुंदर व साफ़ सुथरी छवि को लेकर | जया भादुरी के अदाओं में एक खास कशिश था / है जो खींचता रहा दर्शकों को अपनी तरफ और लोग उनका शर्माना , मुस्कुराना व नखरे के आदाओं को देखकर एक अलग हीं अनुभूति महसूस करते रहे हैं |
आज वे 72 वर्ष का सफ़र तय कर चूकि हैं | किशोरावस्था में हीं उन्होंने फिल्मों में कदम रखा और उसे अपना कैरियर बना लिया | बहुत कम लोग जानते है कि जया ने 1988 में बनी सुपरहिट फिल्म शहंशाह अमिताभ बच्चन संग अमृता सिंह इस फिल्म की पटकथा जया बच्चन ने हीं लिखा था |
2018 में चौथी बार राज्यसभा के लिए पुनः निर्वाचित हुई | इनकी पहली हिंदी फिल्म "गुड्डी" जो 1971 में बनी थी जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया फिर एक के बाद एक फिल्म करती चली गई | उनकी चुनिन्दा फिल्मों में चुपके चुपके , जंजीर , शोले , एक नजर , बावर्ची , परिचय , पिया का घर , अभिमान , शोर , अनामिका , सिलसिला , कल हो न हो , कभी ख़ुशी कभी गम आदि आज तक वे कुछ अंतराल पर पर्दें पर कायम रही हैं |
1992 में उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया जिसके बाद वे महिला अभिनय श्रेणी में सबसे अधिक सम्मानित कलाकार कही जाने लगी | साथ हीं इन्हें 9 फिल्म फेयर पुरस्कार भी मिले हैं |
जया भादुरी अभी आसमान में उड़ी हीं थी कि अमिताभ बच्चन उनके दिल पर दस्तक दे दिए और 1973 में दोनों विवाह सूत्र में बंध गए | इसलिए की फिल्म जंजीर में दोनों कलाकार थे और उस वक्त वे ब्लॉकबूस्टर हिट रहा , इसलिए फिल्म की यूनिट लंदन जाने के लिए तैयार थी परन्तु अमिताभ के पिता ने शर्त रख दी पहले शादी फिर लंदन और ऐसे में दोनों ने शादी किया और फिर लंदन गयें |
ऐसा कहा जाता है कि हर पुरुष के महान बनने में किसी न किसी महिला का हाथ होता है | ऐसे में यह कहा जा सकता है कि अमिताभ बच्चन को महानायक बनाने में जया भादुरी का हीं हाथ है या फिर किस्मत या दोनों हीं , लेकिन आज भी दोनों का पलरा बराबर है अपनी अपनी धरातल पर |
जया का मतलब दुर्गा होता है और अमिताभ का मतलब अति कान्तियुक्त , तेजस्वी और दोनों का समावेश जीवन के हर मोड़ पर साथ साथ देखा गया है | इनके जीवन में लाख कठिनाइयाँ आई फिर भी वे मुस्कुराते हुए हीं पार कर गए | इसे कहा जाता है जीवन जीत लेना |
जया की जिंदगी इन्द्रधनुषी है जो हर रंग में रंगकर एक गजब आभा से मिशाल बनकर लोगों के जुबान पर दोहराए जाते हैं | जया भादुरी बच्चन जी मुबारक आपको आपका जन्मदिन , आप सदैव खिलती रहें फूलों की तरह , भारत में नूर बनकर | ...... ( न्यूज़ :- भव्याश्री न्यूज़ )

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