फिल्म "अंग्रेजी मीडियम" के लिए इरफ़ान खान को मिला सर्वश्रेठ अभिनेता का पुरस्कार
- by Admin (News)
- Apr 10, 2021
दर्द जब हद से गुजर जाए तो वह आंसू रोता है यहीं हालत अभिनेता इरफ़ान खान के बेटे बाबिल के साथ देखा गया , जब दिवंगत एक्टर इरफ़ान खान को फिल्म फेयर अवार्ड 2021 में विशेष अवार्ड से सम्मानित किया गया | अवार्ड लेने उनके पुत्र बाबिल पहुंचे थे |
रितेश देशमुख , राजकुमार राव व आयुष्मान खुराना ने जब स्टेज पर इरफ़ान खान के अभिनय व गुण को बखान करना आरंभ किया तो अपने पिता की तारीफ सुनकर उनके ह्रदय समुन्दर ने ऐसा उफान लिया की रोने की आवाज और मुशलाधर आँखों से बरसात होते हुए पूरा ऑडियेंश ने देखा और वे भी इस तथ्य को महसूस कर इमोशनल हो गए | फिर बाबिल स्टेज पर मिले सम्मान को माथे व सीने से लगाते हुए चंद शब्द कहे | सम्मान लेते वक्त बाबिल ने कहा कि :- वे अपने पिता का सर गर्व से ऊँचा करेंगे , उनकी भाव शब्दों को सुनकर तालियों की गड़गराहट ने इरफान का सम्मान दूगुना बढ़ा दिया | इस विडियो को कलर्स ने अपने इन्स्टाग्राम पर भी शेयर किया है |
आज इरफान होते तो स्टेज का रौनक कुछ और हीं होता | परन्तु उनके जाने के बाद उनका यह सम्मान देश के पुत्र को सैलूट मिलने जैसा कहा जा सकता है | ऐसा लगता है कि बाबिल अपने पिता के अधूरे जज्बात और सपनों को पूरा करने की जिम्मेदारी बखूबी निभा पाएंगे , इसलिए की वे फिलहाल लंदन में फिल्म और एक्टिंग की पढाई कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर एक्टिव रहकर लोगों के दिलों पर अपना घर बनाते जा रहे हैं ताकि आनेवाले कल में उन्हें किसी परिचय का मोहताज न बनना पड़े |
इरफ़ान को 2011 में उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया , 2012 में 60 वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार उन्हें "पान सिंह तोमर" में अभिनय के बादशाहत के लिए श्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दिया गया , 2017 में "हिंदी मीडियम" फिल्म के लिए फिल्म फेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया |
इरफान खान टेलीविजन व फिल्म अभिनेता थे | हिंदी फिल्मों के साथ साथ उन्होंने हॉलीवुड में भी दस्तक दिया |
अब सवाल है अभिनय का , कि अच्छे अभिनय के लिए पुरस्कार मिलता है जिसमे निभाया गया किरदार दर्शकों को झकझोर कर रख दें | ऐसे में 2004 में इरफान को सर्वश्रेष्ठ खलनायक का भी पुरस्कार प्राप्त हुआ , तो ! वह हीरो हो या खलनायक इरफ़ान खान उस किरदार में भरपूर जान डालकर सच्चाई के बीचों बीच खड़ा कर देते थे जिससे लगता था कि उन्हीं की जिंदगी सामने खड़ी हो |
उनकी आखिरी फिल्म "अंग्रेजी मीडियम" थी | कहानी को पीकर उसे पर्दे पर उतारने वाले इरफ़ान खान अब इस दुनियां में भले ही नहीं परन्तु पर्दे पर उनकी खुबसूरत छवि सदैव दिखाई पड़ती रहेगी | भारत के ऐसे सपूतों को हमने असमय खोया है जिसकी पूर्ति नहीं की जा सकती , मगर अभी उनकी अधूरी कहानी उनके बेटे बाबिल पूरी करने और उनके प्रस्तुति दिखाने पर्दें पर आने वाले है और इरफ़ान के फैंस को भी उस दिन का इंतजार है |
फिलहाल यह आंसू सिर्फ बाबिल के आँखों से नहीं गिरा था , इसे देख सारा देश गमगीन हुआ था | बाबिल के सर से भले हीं पिता का हाथ उठ गया हो परन्तु फिल्म इंडस्ट्री में आज बहुत से ऐसे हाथ हैं जो बाबिल के सर पर सदैव छावं रखने के लिए ठहरेंगे |
हमारी तरफ से भी भाई इरफ़ान खान जी के परिवार को इस सम्मान के लिए दिल से आभार | हर दिलों में जिन्दा रहेगी भाई की यादें | ... ( न्यूज़ :- भव्याश्री न्यूज़ )

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