दिल्ली के मुख्यमंत्री द्वारा महाराष्ट्र से आने वाले यात्रियों पर शर्तें लागू और नई गाइड लाइन की घोषणा
- by Admin (News)
- Apr 13, 2021
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने लोगों से अपील की है कि कोरोना वायरस का टेस्ट पोजेटिव आये तो अस्पताल में जाने की जरुरत नहीं है , स्वयं को घर में आइसोलेट करे , सुरक्षा बरते और जब ऐसा लगे की तबीयत बिगड़ रही है तो सरकारी अस्पताल का सहारा ले , प्राइवेट अस्पतालों में न जायें | क्यूंकि अब सरकारी अस्पताल में भी बहुत अच्छा इलाज हो रहा है |
30 अप्रील तक स्कूल के बंद रहने की घोषणा की गई है | साथ हीं अब दिल्ली में लगाई गई पाबंदियों में क्लस्टर बसें 50 फीसदी क्षमता के साथ सड़को पे चलेगी | शादी या समारोह में 50 मेहमान से ज्यादा नहीं आने चाहिए | दिल्ली में रेस्तरां / बार में 50% क्षमता | साथ हीं ऐसे सभाओं व स्थल पर जाने की मनाही , जहाँ ज्यादा से ज्यादा भीड़ एकत्रित होती हो |
DDMA महाराष्ट्र से हवाई यात्रा के जरिये दिल्ली आने वाले यात्रियों के लिए पूर्व की तरह 72 घंटे के भीतर की आर टी - पी सी आर नेगेटिव रिपोर्ट प्रस्तुत करना होगा | रिपोर्ट न उपलब्ध कराने पर 14 दिनों के लिए उन्हें स्वयं को पृथक वास में रखना होगा | कोरोना का बढ़ता तांडव देखते हुए दिल्ली सरकार ने बीते शनिवार को सख्त पाबंदियों की घोषणा की थी | परन्तु इन दिनों दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल प्रेस कांफ्रेंस कर कोरोना संकट से निपटारे के लिए जनता से अपील कर रही हैं |
साथ ही कहा है कि :- हम सबको कोरोना से बचाव के लिए अपनी सुरक्षा स्वयं करने होंगे | हमेशा बाहर जाये तो मास्क पहनना न भूले , बार बार हाथ धोते रहे साथ हीं सोशल डिस्टेंस रखना जरुरी है | जब बहुत जरुरी हो तभी घर से निकलें , कोशिश कीजिये ज्यादा से ज्यादा घर में हीं रहने की | अगर ठीक ढंग से संयम बरता जाए तो कुछ हीं दिनों में हमसब मिलकर कोरोना का नामोनिशान मिटा देंगे | जैसे कोरोना की तीन लहर चली गई तो ये चौथी भी चली जायेगी |
मुख्यमंत्री ने कहा :- हम लॉकडाउन नहीं लगाना चाहते , लेकिन केंद्र सरकार ने बहुत सी पाबंदियां लगा रखी हैं | मै केंद्र से निवेदन करता हूँ की वे पाबंदियों को हटा ले |
मुख्यमंत्री ने कहा है कि :- दिल्ली में 65 % मरीज 35 साल से कम उम्र के हैं , फिर कोरोना रुकेगा कैसे ? कोरोना का चक्र तभी टूटेगा जब वैक्सीनेशन होगा , खैर .... |
ये तो रही केंद्र और दिल्ली सरकार की बातें अब ! आप जनता क्या सोंचते हैं ! एक सर्वे के साथ आई बातों को हम आपके साथ रखते हैं :- तो जनता की इसपर कड़ी टिप्पनी है कि आज ऐसे लोगों को कोरोना ज्यादा हो रहा है जो कोरोना की शुई ले रहे हैं जैसे बॉलीवुड अभिनेता व पूर्व सांसद परेश रावल | परेश रावल के ट्विट सवांद ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया , वहीं यूरोप से आये वैक्सीन की शिकायत पर सीरम के CEO ने अपने बचाव में कहा कि :- हम अपने वैक्सीन से कोरोना निपटारे की बात की पुष्टि नहीं करते , ये सिर्फ एक बचाव का जरिया है | अब इनके संवाद ने भी लोगों को कंफ्यूज किया |
तो लोग आज सोंचने पर मजबूर है कि जब कोरोना है नहीं तो फिर इंजेक्शन किसलिए ? स्वयं को घर में क्यूँ नहीं आइसोलेट किया जाये | दिल्ली के मुख्यमंत्री की बातें सबको भा रही है और सभी उनकी बातों पर अपना सहमती जता रहे हैं | लेकिन वहीं एक बात और की दिल्ली में अगर 65% मरीज ऐसे है जो 35 वर्ष से कम उम्र के हैं तो ऐसे में तो 0 से लेकर के ऊपर तक जितने भी उम्र के लोग इस धरती पर सफ़र कर रहें है उन सबको यह टीका लेना होगा , उनको कोरोना रहे या न रहें |
खैर भारत की जनता स्वयं में समझदार है | क्या करना है और क्या नहीं करना है अपनी जिंदगी के विषय में , वह स्वयं समझ सकती है | कहीं ऐसा न हो कि यह अभियान पोलियों उन्मूलन की तरह हीं हर साल वैक्सीन उन्मूलन बनकर छा जाये | ...... ( न्यूज़ :- भव्याश्री डेस्क )

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