उड़ीसा में एक अद्दभुत बच्ची ने जन्म लिया , ये माँ की परीक्षा है या प्रकृति का कहर !
- by Admin (News)
- Apr 13, 2021
उड़ीसा के केंद्रपाड़ा जिले में 11 अप्रैल को प्राइवेट अस्पताल में एक महिला ने विचित्र जुड़ाव बच्चे को जन्म दिया | जन्म लिए इस जुड़वाँ बच्ची के एक हीं शरीर में दो सिर , तीन हाथ है | यह सच्चाई भरा दृश्य देखकर एक माँ के दिल पर क्या गुजरा होगा , अंदाजा भी लगाना कठिन है | क्या प्रकृति एक माँ की ममता का परीक्षा ले रहा है ?
इस बच्ची का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ है और वो माँ दूसरी दफा इस जुड़वा बच्चे को जन्म दी है | डॉक्टर के अनुसार बच्ची का सर पुरी तरह विकसित है और यह एक दर्लभ चिकित्सकीय स्थिति है | वैसे महिला की डिलेवरी ओपरेशन निजी अस्पताल में हुआ था | परन्तु अब उन्हें केंद्रपाड़ा के जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है |
केंद्रपाड़ा अस्पताल के शिशु विशेषज्ञ डॉक्टर देवाशीष साहू के अनुसार :- दोनों बच्ची मुहं से दूध पी रही है | इस दुर्लभ बच्ची के परिवार , उड़ीसा सरकार से सहायता की गुहार लगाई है कि :- बहुत सारे जुड़वा बच्चे जो जन्म लेते है , उनके शरीर को ओपरेशन द्वारा अलग किया जाता रहा है | आज विज्ञान काफी आगे निकल चूका है और हम इस दौर में बढ़ रहे हैं | मगर ! इस अद्दभुत बच्ची के शरीर को अलग करना कितना पीड़ादायक हो सकता है यह सोंचकर भी रोंगटे खड़े होना स्वाभाविक है | इसलिए की एक शरीर में दो सर और तीन हाथ लगा है तो फिर पूर्ण रूपेण दोनों को अलग नहीं किया जा सकता | जब भी अलग किया जायेगा तो एक बच्चे को नष्ट करना हीं पड़ेगा जो शायद उचित नहीं | परन्तु ये कष्ट भरी जिंदगी में एक शरीर दो सर और तीन हाथ लेकर कहाँ और कैसे वो जी पाएगी |
इस नवजात शिशु को अभी खबर कहाँ , कुछ बड़ी होने पर जब इसमें सोंचने / समझने की क्षमता उत्पन्न होगी तो क्या इसके अन्दर जीने की लालसा रह पायेगी ? शायद नहीं ! लेकिन बहुत सारे ऐसे बच्चे धरती पर जन्म लिए है और पुरी जिंदगी भी जीया है |
प्रकृति से बड़ा शायद ! कोई नहीं , और ईश्वर के द्वारा बनायी गई रचना से बड़ा कोई विज्ञान नहीं | अब ! ममता की गोद में ये बच्चे पल रहे हैं , एक माँ की ममता की परीक्षा कहाँ तक और कितना जीतकर अंक ला पायेगी , कहना मुश्किल है | ईश्वर न करें कल्पना में भी ये दिन किसी को देखना पड़े | ... ( न्यूज़ / फीचर :- भाव्यश्री डेस्क )

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