रियल हीरो बने "मयूर" अपने जान को खतरे में डालकर रेलवे ट्रैक से बच्चे की जान बचाई , 8 सेकेण्ड में जिंदगी को रोका
- by Admin (News)
- Apr 20, 2021
कर्म किये जा फल की इच्छा मर कर ऐ इंसान , जैसा कर्म करेगा वैसा फल देंगे भगवान | यह ज्ञान धर्मग्रन्थ गीता में अंकित है |
यह प्रसंग हम आपको बता रहे हैं , एक भाव - विहल हो जाने वाली घटना का विडियो देखकर | जो दृश्य दिल को छु गया , आपका भी छू लेगा विडियो देखने के बाद | आप बोल पड़ेंगे :- जाको राखे साइयां मार सके ना कोए |
यह विडियो मुंबई रेलवे स्टेशन स्टाफ की है , जिन्होंने अपनी बहादुरी का सबूत पेश किया है | रेलवे स्टाफ ने अपनी जान का परवाह किये बिना एक बच्चे की जान बचाने दौड़ पड़े और इस तरह का खतरनाक स्टंट किया कि क्या कहा जाए | मुझे बॉलीवुड फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी याद आ गए , उनका स्टंट कुछ ऐसा हीं खतरनाक होता है | परन्तु वो दृश्य पूर्व निर्धारित होता है और उसकी शूटिंग की जाती है , जिसमे जान का खतरा नहीं रहता | ट्रेन कैसे और कितनी गति पर चलेगी यह लोको पायलट को पता होता है की यहाँ अभिनय करना है | परन्तु मुंबई रेलवे स्टेशन पर आ रही गाड़ी के लोको पायलट को तो पता हीं नहीं था और ना हीं रेलवे कर्मचारी मयूर को जिसने बच्चे की जान बचाई |
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आप विडियो को देखिये , इसमें एक अंधी माँ अपने बेटे को लेकर प्लेटफ़ॉर्म के किनारे चल रही है | बच्चे को थाह पता नहीं चलता और अचानक बच्चा रेलवे ट्रैक पर गिर पड़ता है | उधर सामने से तेज गति से गाड़ी दौड़ती आ रही है , बच्चा को कुछ पता नहीं , इतने में एक फरिश्ता दौड़ता हुआ लड़के के पास पहुंचता है और बच्चे को प्लेटफ़ॉर्म पर डालते हुए स्वयं भी चढ़ता है | CCTV फूटेज के अनुसार यह घटना महज 8 सकेंड में घटी और इतने में गाड़ी तेज गति से पास होती है | वो फ़रिश्ता थे कर्मचारी मयूर शिल्के | उस वक्त ड्राईवर ने बच्चे को ट्रैक पर देखा होगा और बाद में मयूर को , तो उनकी मानसिक हालत / परिस्थिति को व्यक्त नहीं किया जा सकता की वे उस पल में ब्रेक भी नहीं ले सकते थे |
लेकिन ! फ़रिश्ता बन मयूर ने यह सराहनीय काम किया | इनकी जीतनी भी तारीफ की जाये कम है | इस खतरनाक स्टंट से उनकी अनमोल जिंदगी जा सकती थी , परन्तु बच्चे भगवान के रूप होते हैं | ऐसे भी हमें हमारा कर्तव्य ईमानदारी पूर्वक निभाना चाहिए , हमारी जिंदगी के रखवाले तो ऊपर वाले है , तो जिंदगी का रिमोट उनके हाथ हैं | फिर अच्छे काम तो करने हीं चाहिए |
CCTV फूटेज में यह फ़रिश्ता कैद हो गया | मयूर की बहादुरी की चर्चा व प्रशंसा चारों तरफ गूंज रही है | मयूर से रेलमंत्री पीयूष गोयल ने बात कर उन्हें प्रोत्साहित व शाबासी के साथ उन्हें पुरस्कृत करने हेतु कदम बढाया है | रेलमंत्री पीयूष गोयल ने अपने ट्विटर पर लिखा :- आज रेलवे मैन मयूर शिल्के से बात कर साहस व बहादुरी से भरे काम के लिए उनकी प्रशंसा की , और कहा कि पुरे रेल परिवार को उनपर गर्व है | एक बालक की जान बचाने के लिए स्वयं को खतरे में डालने वाले इस युवा ने कहा कि :- मुझे रेलवे से इतना कुछ मिला है , मै केवल अपनी जिम्मेदारी निभा रहा था | मंत्री जी ने आगे लिखा :- उनके इस काम की किसी भी पुरस्कार या धन राशि से तुलना नहीं की जा सकती लेकिन ! अपने दायित्व को निभाने और अपने काम से मानवता को प्रेरित करने के लिए उन्हें पुरस्कृत किया जायेगा |
हमारे भारत ने ऐसे - ऐसे वीर सुपुत्रों / सुपुत्रियों को जन्म दिया है जिससे हमारा सर आसमान से भी ऊँचा उड़ान भरने का मन चाहता है | ईश्वर ऐसे वीरों के माथे पर सदैव अपना हाथ रखते हैं | यहीं तो हमारे आने वाले कल के रक्षक है | मयूर के लिए ऐसा कोई शब्द नहीं बना , जिस शब्द से उनकी प्रशंसा की जाये | ....... ( न्यूज़ / फीचर :- भव्याश्री डेस्क )

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