केंद्र सरकार ने जारी किया , 1 मई से 18 वर्ष से ऊपर के व्यक्ति को लगेगा कोरोना वैक्सीन |
- by Admin (News)
- Apr 20, 2021
आज दुनियां भर में लोग कोरोना महामारी से बेहाल व परेशान है और इसकी मार व कहर को झेल रहे हैं | आकाल मृत्यु के दर बढ़ते हीं जा रहे है | इस बीच भारत की बात करे तो केंद्र सरकार द्वारा जारी यह फरमान कि , अब 18 वर्ष से ऊपर के व्यक्ति को कोरोना वैक्सीन लगाया जाना जरुरी है | यह पढ़ और सुनकर लोगों का दिल दहला जा रहा है | वैसे भी आलम यह है कि लोग हर दिन अपनी जान को हथेली में लिए घुमते है , जैसे अपनी जान किसी के पास गिरवी पड़ी हो , कौन कब छीन लेगा इस सोंच से लोग खुद बेकल व बेताब है |
आगामी 1 मई से 18 से ऊपर के व्यक्ति को लगेगा कोरोना वैक्सीन | इससे पहले 1 अप्रैल से जारी किया गया था :- 45 वर्ष से ऊपर के व्यक्ति को लगेगा कोरोना वैक्सीन , इससे और पहले की भी बात करे तो 60 वर्ष और इससे ऊपर के उम्र को निर्धारित किया गया था |
हो सकता है आने वाले कल में यह उम्र 0 से ऊपर निर्धारित कर दी जाए और फिर हॉस्पिटल में जन्म से लेकर वैक्सीन निर्धारित हो , कोई व्यक्ति छूट न जाये , कोरोना वैक्सीन निहायत जरुरी है | तो ! अब मानना पड़ेगा की सरकार उम्र की गति में धीरे -धीरे नीचे की तरफ रफ़्तार ले रही है | लेकिन वहीं गौर करने की बात है कि वैक्सीन कितना कारगर है , इसका डोज किसपर पड़ना चाहिए और किस पर नहीं |
सरकार को इस बात पर गहरी चिंतन करनी चाहिए कि आखिरकार लोगों को वैक्सीन लेने के बाद कोरोना क्यूँ हो रहा है ? या फिर वैक्सीन लेने के बाद भी मृत्यु दर में बढ़ोतरी क्यूँ है ?
जो व्यक्ति स्वस्थ हैं , वो क्यूँ ले दवा या टीका | जिनके परिवार के सदस्यों का वैक्सीन लेने के बाद मृत्यु हुई है , उनकी जान चली गई , उनके लिए वैक्सीन उधोगों के पास निदान है ! और यह गारंटी तो वैक्सीन कंपनी के CEO भी नहीं दे रहे है | ऐसे में सरकार कोरोना रोकथाम और जिंदगी बचाव अभियान में लगी है , लेकिन सरकार को उपरोक्त बातों पर भी गौर करना चाहिए |
सीरम कंपनी के CEO अदार पूनावाला ने अपने बचाव पक्ष में यूरोप से आई वैक्सीन शिकायत पर स्पष्ट कहा था कि :- मै दावा नहीं करता की वैक्सीन लेने से कोरोना का बीमारी ठीक हो जायेगा |
अब ! कोरोना के बढ़ते दर व बहाव को देखते हुए इस पर गहरी चिंतन पुरे भारत को करना चाहिए कि कोरोना का जड़ से निपटारा कैसे हो ! इसलिए किसी राज्य में 15 दिन , किसी में 1सप्ताह और किसी में 2 दिन का "ब्रेक द चैन" यानि लॉकडाउन जैसी पाबन्दी न लगाकर पुरे देश में एक साथ 15 दिन या 1 महीने का लॉकडाउन हीं क्यूँ नहीं कर दिया जाता | जिस तरह पिछली बार प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन किया था और ऐसे में बहुत सारी जिंदगी को बचाया जा सका | हाँ ये सही है कि लोगों की आर्थिक स्थिति कमजोर पड़ गई | तो इससे अच्छा है की अन्य जगहों पे अर्थ को न खर्च कर लोगों को आर्थिक सहयोग से हीं परिपूर्ण कर दिया जाये ताकि उन्हें जिंदगी जीने में किसी चीज का अभाव न हो और वो कुशल तरीके से लॉकडाउन की स्थिति को गुजार ले |
कृपया मास्क लगाना न भूले और सोशल डिस्टेंस का हमेशा पालन करे | जिंदगी को सुरक्षित रखना बहुत जरुरी है , "जिंदगी बचाव अभियान" | .... ( न्यूज़ / फीचर :- भव्याश्री डेस्क )

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