बिहार मुख्यमंत्री ने पटना के IGIMS अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए मुफ्त चिकित्सा व दवा की घोषणा की और फ्री वैक्सीनेशन
- by Admin (News)
- Apr 24, 2021
पुरे देश - प्रदेश में कोरोना महामारी से हाहाकार वहीं कुछ व्यवस्थापक हो रहे मालामाल | आदमी की जिंदगी का क्या है मोल ! कहीं ऑक्सीजन अभाव में तड़पता ,तो ! कहीं हॉस्पिटल में बेड के लिए इंतजार , वहीं इंजेक्शन , दवा व जाँच रिपोर्ट पाने के लिए त्रस्त है सबके सब कहीं न कहीं | आम आदमी की जान खतरें में मंडराती नजर आ रही है | जिंदगी की कीमत क्या होगी , जहाँ इसे तौला जा रहा बिना मोल , बिना भाव |
19 अप्रैल को उपरोक्त बातों के तहत हीं एक पूर्व मंत्री बिहार व वरिष्ठ (JDU) के विधायक मेवालाल चौधरी की कोरोना संक्रमण से पटना के पारस अस्पताल में हुई मौत व इंदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान में उन्हें कोई सुविधा नहीं मिलने से , उनकी बेवस मजबूर प्राण का उड़ जाने के बाद उनके पी०ए० ने कई सवाल छोड़े हैं |
विधायक जी के मरने के बाद मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने इसे व्यक्तिगत क्षति बताया था | इसी बातों पर स्वर्गीय विधायक के पी०ए० शुभम सिंह ने कई सवाल मीडिया के सामने रख दिया और बिहार के हॉस्पिटल की स्थिति को बेआबरू किया |
लेकिन ! देर हीं सही दिल तो घायल हुआ है मुख्यमंत्री नितीश कुमार का , विधायक जी के अकाल मृत्यु को लेकर और संभवतया इसी घटना व सोंच के तहत अब उन्होंने यह घोषणा की है कि - इंदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान में कोरोना मरीजों का मुफ्त इलाज किया जायेगा | इसके अतिरिक्त चिकित्सकीय सुविधा व दवा में खर्च का वहन भी राज्य सरकार करेगी |
बीते शुक्रवार की रात मुख्यमंत्री बिहार के ऑफिसियल ट्विटर अकाउंट से यह जानकारी दी गई है | मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने कहा है कि - सभी जिला के अस्पतालों में वेंटिलेटर को गतिशील व क्रियाशील किया जाए | चिकित्सा व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने हेतु घोषणा की गई है |
वहीं 1 मई से होने वाले टीकाकरण अभियान आरंभ होने से पहले उन्होंने अपने राज्य की जनता से कहा है कि - 18 से 45 वर्ष तक के लोगों के लिए निःशुल्क वैक्सीनेशन की व्यवस्था की जायेगी | उनपर आये खर्च का वहन राज्य सरकार करेगी | मालूम हो की पूर्व में भी बिहार राज्य में वैक्सीनेशन निःशुल्क हीं था |
आने वाले 1 मई से 18 से 45 वर्ष के बीच वैक्सीनेशन की बात सामने आई है | उसमे सीरम वैक्सीन के निर्माता ने केंद्र को 150 रुपये प्रति डोज वैक्सीन बेचेगी | राज्य सरकार को प्रति डोज 400 रुपये चुकाने होंगे और निजी अस्पताल को 600 रुपया भुगतान करना होगा | सीरम कंपनी ने अपनी उतपादन को बढ़ाया है इसलिए रॉ मटेरियल एवं रॉयल्टी के अतिरिक्त भार घटाने के लिए वैक्सीन के रेट बढ़ा दिए गए हैं | इसी बातों को लेकर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा ने जनता के हित में कई सवाल केंद्र सरकार पर उठा दिए |
बीते शुक्रवार को कोरोना के 12 हजार से अधिक मामले सामने आये हैं | संक्रमण से 54 लोगों की मौत हो गई है | अस्पताल की लापरवाही व अव्यवस्था की शिकायत अन्दर से बाहर दिखाई पड़ रही है | लोगों से मोटी रकम वसूलने का सबसे अच्छा तरीका व्यवस्थापकों ने अपना लिया है और मरीज के परिजन कहीं से भी जान बचाने की खातिर धन का व्यवस्था मजबूरन करके इनका पेट भरते हैं |
इन्हीं सब समस्या के निदान के लिए बिहार सरकार ने कोरोना मरीज के लिए इंदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान में मुफ्त इलाज की घोषणा की है ताकि मरीजों को इलाज कराने में परेशानी का सामना न करना पड़े |
बिहार सरकार ने तो सुविधा व मुफ्त इलाज करने की घोषणा व व्यवस्था कर दी है , मगर ! हॉस्पिटल के अन्दर लूट - मार को कौन रोकेगा ? सवाल तो सिर्फ इतना है ! जब मरीजों से पैसे वसूलने के लिए इतनी लूटपाट / भगदड़ मचता हुआ देखा जा रहा है और लोग इस भयानक समस्या से जूझ रहे हैं तो देखना होगा की आने वाले दिनों में सुधार का क्या आलम होगा |
हर इंसान अपनी जिंदगी को बचाने , सुरक्षित रखने के लिए मास्क जरुर लगायें और सोशल डिस्टेंस का पालन करें | एक कदम सुरक्षा की ओर ..... "जिंदगी बचाव अभियान" | ...... ( न्यूज़ / फीचर :- भव्याश्री डेस्क )

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