पांचवी बार शादी का मुहूर्त निकलवाने पहुंचे लड़के वाले , उनकी जमकर हुई कुटाई
- by Admin (News)
- Apr 25, 2021
महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में बेटी बोझ नहीं और शादी जैसे विषय में नौटंकी पसंद नहीं , जो लड़के वाले अपनी मनमानी करते रहें और बेटी वाले सहते रहें | आज के दौर में यह संभव नहीं , यहीं सोंच उजागर होते देख "बेटी बचाओ , बेटी पढ़ाओ" का मतलब समझ में आने लगा है |
बेटी कोई समान नहीं जो किसी के साथ भी बांध दिए जाये या भेज दिए जाये | लड़की व लड़की वालो की ये मज़बूरी है कि , वे लड़की के विवाह के लिए वर ढूंढने निकल जाते है और बेटियों को पोस - पाल कर दूसरों के घर सात फेरों के बंधन में बांधकर , ससुराल नाम दे देते हैं | यह समस्त देश की बात है , क्योंकि यह एक रस्म - रिवाज है | बेटी को नए सिरे से अपनी जिंदगी का मुकाम हासिल करना पड़ता है |
बेटो के लिए यह सुविधा / व्यवस्था है , वो जहाँ जन्म लिए , उनकी वहीं जागिर होती है | बेटे - बेटी में अंतर होना ये समाज की कुरूतियों में शामिल है | ये आज से नहीं पिछला इतिहास पलटा जाए तो महाराष्ट्र की हीं रानी अहिल्याबाई होलकर का नाम भी सामने आ जाता है और अभी इन्हीं महान हस्ती पर सीरियल भी दिखाई जा रही है , जो दिल में दर्द पैदा करता है |उन्होंने कई रिवाज में संसोधन किया , लेकिन आज भी बहुत सारे रित - रिवाज धरे परे हैं , अपनी संस्कृति में शामिल होकर |
बुलढाणा जिले के आलमपुर गावं में हैरान कर देने वाली घटना या फिर आप इसे दुर्घटना का भी नाम दे सकते है | नंदुरा की एक लड़की को , लड़के द्वारा 5 वीं बार देखने के बाद शादी से इंकार करने पर , हो गई जमकर धुलाई |
दरअसल बात यह है अकोला जिले के रहने वाले लड़के व उसके घर वाले ने बारी - बारी से लड़की वाले के घर आते रहे | लड़की वाले उनलोगों की भरपूर खातिरदारी करते गए और वे लोग मेहमान नवाजी का आनंद उठाते रहे और इसी बीच मंगनी का रस्म (हल्दी कुमकुम) भी हो गया | अब बारी थी शादी के दिन का मुहूर्त का |
शादी के मुहूर्त निकलवाने से पहले लड़का अपने परिवार के साथ एक बार फिर लड़की को देखने की इच्छा प्रकट की | यह लड़की का नुमाईश पांचवी बार होना था | लड़की आई , लड़के उसे देखने के बाद शादी करने से इंकार कर दिए , बोल दिया लड़की पसंद नहीं है | लड़की की आँख में दिक्कत लग रही है , इतना कहने के बाद शादी टूट गई |
शादी को टूटता हुआ देख , लड़के के नखरे से परेशान होकर लड़की के परिजनों ने ,उसे और उसके परिवार को एक हीं कमरे में बंद कर , मारना - पीटना आरंभ कर दिया | मानो किसी फिल्म की शूटिंग हो रही हो | गावं में शोरगुल सुनकर कुछ लोग भी पहुँच गए और बीच - बचाव करने लगे | लड़के वाले किसी तरह घर से बहार भागे , गाड़ी तक बैठने के क्रम में उनकी पिटाई जारी थी |
लड़का जब भी आता , अपने दोस्त व परिवार के साथ , तो ! उन्हें अपना होने वाला दामाद समझकर काफी मान - सम्मान दिया जाता रहा | लेकिन अचानक उनका इंकार कर देना लड़की व लड़की वाले के घर को काफी आघात पहुँचाया और उसके बाद लड़के की धुलाई आरंभ हुई | इसलिए की पहली बार में लड़की में कोई कमी नहीं निकाली गई | दूसरी - तीसरी के बाद चौथी बार में लड़की के साथ सगाई के रस्म भी पुरे किये गए , तब तक लड़की पसंद थी , उसमे कोई कमी नहीं थी | लेकिन पांचवी दफा जब शादी का मुहूर्त निकलवाना था और वह अपने रिश्तेदारों के साथ लड़की के घर पहुंचा तो उसे लड़की की आँख पसंद नहीं आई और वे शादी करने से इंकार कर दिए |
ऐसे - ऐसे लड़कों की यहीं गति होनी चाहिए , जहाँ बारी - बारी से लड़की के चेहरे का नुमाईश किया जा रहा हो | क्या पसंद है और क्या नापसंद है | काश ! लड़के वाले अपने लड़के का चेहरा आइना में देखा होता , तो ! पता चलता उन्हें , कि उनके लड़के में कितना अहम भरा है और बुद्धि तो रत्ती मात्र भी नहीं और जिसे अपनी जिंदगी की नाजुक व अहम फैसला लेने का भी तरीका नहीं आता , वो लड़की में क्या कमी निकालेगा ?
अधिकांश लड़के वाले यहीं सोंचते है कि हमारा लड़का सर्वोपरी , यानि लड़का घी का लड्डू है | टेढ़ा भी भला और घमंड सातवें आसमान पर बिठाकर लड़की व लड़की वालो को जलील करते हैं और रिश्ते तोड़ जाते हैं , इस कदर जिससे दूसरे रिश्ते आने कम पर जाते हैं | लड़के वाले भूल जाते हैं कि उनके घर में भी तो बेटियां हैं | उनके साथ अगर ऐसा होता तो वे पिटाई करते या नहीं ? वे अपनी नाराजगी जताते या नहीं ! खैर ... | .. ( न्यूज़ / फीचर :- भव्याश्री डेस्क )

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