फैमिली डॉक्टर एस० के० भंडारी का कोरोना से हुआ निधन , भावुक हुई प्रियंका गाँधी वाड्रा
- by Admin (News)
- May 14, 2021
कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा व उनके बच्चें सहित राहुल गाँधी के जन्म डिलीवरी कराने वाली स्त्री रोग विशेषज्ञ एस० के० भंडारी का गुरुवार को निधन हो गया , वे कोरोना संक्रमित थी |
एस० के० भंडारी सर गंगाराम अस्पताल के सीनियर डॉक्टर व विशेषज्ञ थी | साथ हीं इस अस्पताल के स्त्री रोग और प्रसूति विभाग की स्थापना की थी | इनकी मृत्यु से प्रियंका गाँधी वाड्रा ने शोक व्यक्त किया है | साथ हीं अपने सोशल अकाउंट पर एस० के० भंडारी को अपने पारिवारिक डॉक्टर होने का सम्मान व सफल डिलीवरी की एहसास को दर्शाते हुए इन्हें श्रधांजलि अर्पित किया और साथ हीं कहा - हमने एक दोस्त खोया है , हम इन्हें कभी भूल नहीं पायेंगे |
लेकिन यह घोर आश्चर्य की बात है की विशेषज्ञ ने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवाई थी और गुरुवार को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई | प्रियंका गाँधी बहुत दुखी हैं , क्यूंकि इनके हाथों में वो जश था जिसे सफलता पूर्वक वे मरीज की सेवा करती रही |
86 वर्ष की भंडारी , सुबह अपने समय से अस्पताल पहुँच जाया करती थी | एक सुसंस्कृत महिला में जितने गुण होने चाहिए वे सब भंडारी में मौजूद थे | इनके पति एक सेवानिवृत IAS अधिकारी है |
डॉक्टर अगर पारिवारिक हो तो , एक दोस्त की तरह रिश्ते बन जाते है | सूचना के आधार पर इन्हें हृदय से सम्बंधित दिक्कतें हुई थी | दो सप्ताह पूर्व ये अस्पताल में भर्ती थी और वहां जाँच के दौरान कोरोना पोजेटिव पायी गई | इनके पति भी अभी ICU में भर्ती है , क्योंकि इनकी पत्नी एस० के० भंडारी की Covid रिपोर्ट आने के बाद इनके पति ने भी कोरोना की जांच करवाया , तो इनकी रिपोर्ट पोजेटिव पायी गई |
इन दिनों बहुत सारे विशेषज्ञ और डॉक्टर की मृत्यु हो रही है , वह भी कोरोना वैक्सीन के डोज लेने के बाद | जिससे लोगों के बीच एक दहशत उत्पन्न हो रहा है | सवाल यह नहीं की लोग इसे समझ नहीं रहे , परन्तु यह सच्चाई की बहुत सारे लोगों ने वैक्सीन का टीका लिया और उन्हें कोरोना हो गया | अब एक स्वास्थ्य व्यक्ति जब वैक्सीन लेने के बाद भी कोरोना से ग्रसित हो जाता है और बाद में संक्रमण की वजह से उनकी मृत्यु हो जाती है तो फिर लोग वैक्सीन क्यूँ ले ? अपनी जिंदगी ईश्वर के सहारे छोड़ रहे , कितनों ने कहा कि - हम अस्पताल में दम तोड़े , इससे बेहतर है अपने घर के मंदिर पास दम तोड़ना | जहाँ पुरा परिवार तो एक साथ होगा , अंतिम अवस्था में वे परिवार को देख तो सकेंगे , उनसे बात तो कर सकेंगे |
एक ने कहा - जब सीरम वैक्सीन कंपनी के CEO ने भी कहा था की - मै ऐसा दावा नहीं करता की इस वैक्सीन को लेने से कोरोना बीमारी ठीक हो सकता है | इतना जरुर है की इससे संक्रमित होने से बचा जा सकता है |
तो उनका दावा और उनके वैक्सीन का असर लोग सीधा देख रहे हैं और डर रहें और भयभीत है | कुछ लोग वैक्सीन को पचा पाते है , कुछ नहीं | कुछ उबरकर बाहर आ जाते है , कुछ जिंदगी को अलविदा कह देते हैं |
परन्तु बहुत सारे ऐसे लोग हो जो कोरोना होने के बाद घर पर आइसोलेट हुए है , उनमे से लगभग 99% व्यक्ति या इससे भी ज्यादा अपने खान - पान व एतिहात से स्वस्थ होकर नए जीवन में प्रवेश कर चुके है और हो रहे हैं | वो आम आदमी हो या खास |कोरोना तो सबके लिए बराबर है , ऐसे में सतर्क रहे और सुरक्षित रहे | ......... ( न्यूज़ / फीचर :- भव्याश्री डेस्क )

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