7 वर्षों से पत्नी की मृत्यु विवाद केस में उलझे कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहत की साँस ली | Bhavyashri News
- by Admin (News)
- Aug 18, 2021
न्यायलय में चल रहा मामला - सुनंदा पुष्कर की मौत , जिसमे बुधवार को एक अहम् फैसला सुनाया गया | जिससे कांग्रेस के सांसद शशि थरूर को दिल्ली के राउज एवेन्यू स्पेशल कोर्ट ने बरी कर दिया है |
17 जुलाई 2014 को दिल्ली के फाइव स्टार होटल के लग्जरी कमरे में सुनंदा पुष्कर की लाश मिली थी | सुनंदा पुष्कर कांग्रेस सांसद शशि थरूर की पत्नी थी और शशि थरूर पर हीं आरोप लगा था कि वे अपनी पत्नी पर मानसिक उत्पीड़न व अत्याचार करते हुए , उन्हें आत्महत्या जैसा जघन अपराध करने के लिए उकसा रहे थे |
लगभग 7 वर्ष के बाद , बीते बुधवार को दिल्ली के राउज एवेन्यू स्पेशल कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है | इस केस की सुनवाई कर रही स्पेशल कोर्ट की जज गीतांजलि गोयल ने अपना फैसला सुनाते हुए इस केस को रद्द कर दिया है | बुधवार को जब फैसला सामने आया तो शशि थरूर ने कोर्ट का शुक्रिया अदा किया | उन्होंने कहा कि - 7 वर्ष से वह अपनी पत्नी के मौत का इल्जाम का दर्द और यातनाएँ झेल रहे है |
शशि थरूर की तरफ से अधिवक्ता विकास पहवा की हाजरी थी | वहीं राज्य सरकार की तरफ से , जो की उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर के लिए निष्पक्ष जाँच के लिए था , एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अतुल श्रीवास्तव हाजिर थे | यह फैसला ऑनलाइन किया गया | हलाकि इस केस का करवाई कर फैसले के कोर्ट ने 12 अप्रैल को हीं अपना फैसला दर्ज कर लिया था |
बुधवार को ऑनलाइन फैसले के समय शशि थरूर भी मौजूद थे | शशि थरूर ने अपने अधिवक्ता विकास पहवा और गौरव गुप्ता को धन्यवाद देते हुए शुक्रिया अदा किया है | शशि थरूर अब बहुत खुश हैं | परन्तु मीडिया वालो से उनकी शिकायत है कि - पिछले 7 वर्षों में मिडिया की तरफ से उन्हें भलाबुरा कहा गया है | जबकि उन्हें न्यायालय के आदेश पर भरोषा था , अब न्यायलय की जीत होने के बाद , वे और उनका परिवार राहत की साँस लेंगे | शशि थरूर ने कहा कि - वर्षों से परेशानी का जो सामना करना पड़ा , अब उससे मुझे राहत मिली | अब मै और मेरा परिवार सुनंदा की यादों के सहारे जीवन व्यतीत करे सकेंगे |
आपको विस्तार से बता दे -
17 जुलाई 2014 को दिल्ली के फाइव स्टार होटल के एक लग्जरी रूम के बेड पर सुनंदा पुष्कर की लाश मिली थी | पुलिस ने लाश को कब्जे में लेते हुए पड़ताल करने के बाद , उनके पति शशि थरूर के खिलाफ IPC की धारा 498 A के तहत उनपर अत्याचार व स्वयं और अपने रिश्तेदारों द्वारा पत्नी के साथ क्रूरता बरतने की धारा लगाईं थी | साथ हीं उनपर 306 का भी धारा लगा , जो आत्महत्या के लिए उकसाने का है , मामला दर्ज किया गया |
सुनंदा पुष्कर की सहेली रही वरिष्ठ पत्रकार नलिनी सिंह ने ब्यान दिया था , जिसमे उन्होंने यह कहा था कि - शशि थरूर का मेहर तरार नाम की एक महिला से रिश्ते थे | नलिनी सिंह ने साक्ष्य व सबूत के आधार पर इस बात का दावा किया था कि - शशि थरूर 2013 के जून महीने में 3 दिन तक दुबई के एक होटल में मेहर तरार के साथ ठहरे थे |
फोटो :- आजतक के सौजन्य से
सूचना के आधार पर आपको बता दे कि - एक दिन जब नलिनी सिंह ने अपनी दोस्त सुनंदा को फोन किया तो वह बहुत दुखी थी | शशि थरूर और सुनंदा पुष्कर के बीच मैसेज का आदान - प्रदान होता था | एक मैसेज में यह लिखा था कि - शशि थरूर चुनाव के बाद अपनी पत्नी सुनंदा पुष्कर को तलाक देने का मन बना लिया है | सुनंदा पुष्कर की मृत्यु के बाद उनकी दोस्त नलिनी सिंह का यह दिया गया बयान काफी महत्वपूर्ण था |
सुनंदा का पोस्टमार्टम रिपोर्ट जब आया , तो उसमे सुनंदा की मौत शाम 4 बजे से 7 बजे के बीच हुई थी | एक अंग्रेजी अखबार ने लिखा था कि - सुनंदा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज है कि - उनकी मृत्यु ड्रग्स ओवर डोज के कारण से नहीं हुई है , बल्कि जानबूझकर उन्हें ओवर डोज दिया गया | पुलिस को उस वक्त सुनंदा के कमरे से अल्प्राजोलम की दो खाली स्ट्रिप्स मिली थी | अंदाजानुसार सुनंदा ने 27 टेबलेट्स खा लिए थे , जिससे की वह बेकाबू हो गई |
पोस्टमार्टम में सुनंदा के शरीर में अल्कोहल का अंशमात्र भी नहीं मिला था , परन्तु उनके शरीर पर 12 से 15 जगह खरोंच के निशान थे | उनकी मौत स्वाभाविक नहीं थी , परन्तु उनके द्वारा लिया गया डिप्रेशन की दवा अल्प्राजोलम का ओवर डोज कहा जा सकता है | ऐसा इसलिए कि - एक्सपर्ट्स का मानना है कि अल्प्राजोलम की ज्यादा मात्रा से दिमाग का संतुलन बाधित होता है , जिससे की बेहोशी और मौत भी संभव है |
इस केस में आरोपी को 3 साल से 10 साल तक की सजा हो सकती है |
खैर .... एक फाइल बंद हो गया | जिससे की कांग्रेस के नेता शशि थरूर को मानसिक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था | अब चलते - चलते हम एक बात का विस्तार और जिक्र कर दे कि - मेहर तरार कौन है ? जिसका जिक्र सुनंदा पुष्कर की सहेली वरिष्ठ पत्रकार नलिनी सिंह ने दुबई के होटल में 3 दिनों तक रहने का जिक्र किया था |
तो मेहर तरार पकिस्तान की एक पत्रकार है | उनके वकील ने पूर्व में इस बात का जिक्र कोर्ट में किया था कि - सुनंदा पुष्कर , शशि थरूर और पाकिस्तानी पत्रकार के रिश्ते को लेकर बेचैन व परेशान थी | अधिवक्ता महोदय ने उनकी दोस्त नलिनी सिंह के ब्यान को भी सामने रखा | नलिनी सिंह के अनुसार - पति - पत्नी में तनाव का आलम था और रिश्ता का बुरी तरह टूटने के आसार भी थे | नलिनी सिंह को सुनंदा के संवाद मिले थे , उस वक्त वह रोती हुई पायी गई थी | क्यूंकि मन की बात लोग अपने दोस्त से व्यक्त / बयाँ करते है | दोस्ती हीं दर्द का एक ऐसा मलहम होता है , जिसके लेप से कुछ पल हीं सही , मगर राहत व सकूँ मिल जाता है |
नलिनी सिंह ने अपनी दोस्त के विषय में बिल्कुल निष्पक्ष जानकारी पुलिस को उस वक्त भी दी थी , जब पुलिस ने उन्हें सरोजनी नगर थाने में बुलाया था | जिसमे उनसे एक घंटे से अधिक पूछताछ की गई थी |
लेकिन 7 वर्ष के बाद जो फैसला निष्कर्ष पर पहुंचा , उसमे शशि थरूर बरी कर दिए गए हैं | अब यह केस पूरी तरह बंद हो चुका है , परन्तु आज भी इस बात की आशंका लोगों के बीच में है कि - आखिरकार सुनंदा पुष्कर की मौत किस कारण से हुई और यह रहेगी | क्यूंकि अब यह सवाल , एक सवाल हीं बनकर रह गया है | इसका जवाब लोग अपने - अपने तरीके से अपने मन को दिए जा रहे हैं |
इस पुरे वृतांत से इतना कहा जा सकता है कि - शशि थरूर और सुनंदा पुष्कर के संबंध कैसे थे ? यह सिर्फ यहीं जान सकते है और एक ऊपर वाले | तीसरा कोई भी नहीं इस बात का दावा कर सकता है कि सही क्या है और गलत क्या हुआ ? परन्तु हर समस्या का समाधान इस धरती पर मौजूद है , जिसमे खुद को समाप्त कर देना या फिर किसी को समाप्त कर देना , यह समाधान नहीं | इस धरती पर बहुत सारे कारण ऐसे पाए गए , जिसका निवारण असंभव होते हुए भी संभव हुआ | अब सवाल है कि - जहाँ मन नहीं मिले वहां हाथ मिलाकर चलते रहने में भी कोई बुराई नहीं है | इसके लिए दुनियां से ख़त्म हो जाना या किसी को ख़त्म कर देना , शायद किसी के लिए उचित नहीं ! खैर ..... ! ( न्यूज़ / फीचर :- भव्याश्री डेस्क )

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