पंजाब के नए मुख्यमंत्री ने जब झुककर राहुल गाँधी को सम्मान दिया , तो माहौल गरमाया | Bhavyashri News
- by Admin (News)
- Sep 23, 2021
पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा राहुल गाँधी को झुककर अभिवादन करने को लेकर विवाद गरमा रहा है |
बीते सोमवार को चरणजीत सिंह चन्नी ने मुख्यमंत्री की शपथ ली थी | पंजाब के राज्यपाल बी०एल० पुरोहित ने उन्हें शपथ दिलाई थी | शपथ समारोह समाप्त होने के बाद राहुल गाँधी कुछ देर बाद वहां पहुंचे , यह समय था चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री बनने के बाद मिलने वाली बधाई का | नवजोत सिंह सिद्धू की नजर उनपर पड़ी , तो उन्होंने राहुल गाँधी को झुककर स्वागत किया | इसके बाद चरणजीत सिंह चन्नी आये और उन्होंने भी राहुल गाँधी का झुककर स्वागत किया |
मुख्यमंत्री द्वारा झुककर राहुल गाँधी को सम्मान देने पर विवाद खड़ा हो गया | इससे कहा जा रहा है कि - मुख्यमंत्री ने राहुल गाँधी के पैर छुए | अभी तक राज्यपाल भी स्टेज पर खड़े थे , जब ये दृश्य देखा गया | लोग कहने लगे कि - चरणजीत सिंह चन्नी अब संवैधानिक पद पर है | उन्होंने उसकी मर्यादा तोड़ी है और वैसे भी राहुल गाँधी का उनसे छोटे होने की बात सामने आई |
इनदिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का गरमागरम पकौड़ा छनता हुआ जान पड़ रहा है | इसका विडियो सोशल मीडिया पर लाइव टेलीकास्ट करने के बाद गहराता हुआ अपना रंग जमा रहा है | परन्तु इस बात पर चरणजीत सिंह चन्नी ने किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी है |
आखिरकार यह मामला भारत का है | यहाँ तो लोगों के पास इतना समय होता हीं है , जिससे कि वे सामने वाले का क्रिटिसाइज कर सके | यह इसलिए कि - यहाँ के लोगों को मखमली कपड़े में पेवंद लगाने का हुनर खूब मालूम है | यह बातें तबतक झूमता रहेगा जबतक की बोतल से पूरा पानी न छलक जाए | बहुत लोगों के आँखें पर चढ़ गए है नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी | कुछ लोग नहीं चाहते थे कि पंजाब का मुख्यमंत्री इन्हें बनाया जाए |
विवाद तो इस विषय पर भी गहराया था - जब कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देने के बाद सुनील जाखड़ का नाम सामने आया | यह कांग्रेस की पहली पसंद कही जा सकती है | इसके लिए सुनील जाखड़ को बेंगलुरु से पंजाब बुलाया गया था | परन्तु वाद - विवाद इतना गहरा गया कि - बात सिख स्टेट होने की सामने आ गई और इसके लिए सिख चेहरे होने की मांग शुरू हो गई |
गंभीरता को देखते हुए सुखजिंदर रंधावा का नाम तय हुआ | परन्तु इस बात से एक चर्चित चेहरा पूर्व क्रिकेटर व पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू नाराज हो गए | नवजोत सिंह सिद्धू ने साफ़ तौर पर कहा कि - अगर जट्टसिख को मुख्यमंत्री बनाना है तो वे स्वयं मुख्यमंत्री बनेंगे | परन्तु फिर मामले की जटिलता और परिस्थिति को देखते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने हीं अनुसूचित जाति के नेता को मुख्यमंत्री बनाने की बात कह डाली | जिसके बाद राहुल गाँधी ने अपनी सहमती जाहिर करते हुए अपनी स्वीकृति दी दी और उसके बाद चरणजीत सिंह चन्नी को CM और सुखजिंदर रंधावा को डिप्टी CM बना दिया गया |
ये बात भी उभरकर सामने आई कि - कल में उनकी गरिमा का लेवल क्या था ? यह अलग बात है कि - मुख्यमंत्री जी राहुल गाँधी के सम्मान में थोड़ा झुक क्या गए ? कि यह तो एक शॉट फिल्म की प्रस्तुति लगने लग गई | अब मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से जुड़े कई मामले सामने आ रहे है , जो मखमली चादर के नीचे सोया था | सबसे पहले टॉस से पोस्टिंग का फैसला , मुख्यमंत्री बनने के लिए 4 साल पहले कर बैठे थे हाथी की सवारी | वहीं वास्तुशास्त्र के अनुसार - सरकारी घर के एंट्री में ग्रीन बेल्ट का तुड़वाना भी उछाल ले रहा है | उछल तो रहा है यह भी मामला कि - महिला IAS अफसर को आपत्तिजनक मैसेज भेजने के भी उनपर आरोप लगे है | कुछ लोग कहते है कि - ये अंधविश्वास पर रखते है यकीन | तो मन तो अपना है - मानो तो देव , नहीं तो पत्थर | पसंद अपनी - अपनी कहा जा सकता है |
सभी बातें सूचना के आधार पर हमने आईना समझकर सामने रख दिया है | परन्तु एक बात कहना लाजमी होगा कि - आईने में सभी पार्टी अपने चेहरे को देखकर सिर्फ इतना बोल दे कि - किसी भी सम्मानित कुर्सी पर सिर्फ वहीं चेहरे बैठे हुए हैं , जिनपर कभी दाग न लगा हो | शायद ! नहीं कह पायेंगे | इससे बेहतर है कि सब समय पर छोड़कर आने वाले वक्त का इंतज़ार कर जिंदगी को प्रकाश में सेंका जाए |
चलते
- चलते एक बात हम और कहना चाहेंगे , जो शब्द जिंदगी में बहुत हीं अहमियत
भरा है | यह कि - कोई व्यक्ति किसी पार्टी के किसी भी ओहदे पर क्यूँ न हो !
अगर वे आम आदमी को भी सम्मान करे , तो इसमे शायद कोई हर्ज नहीं ! वह इसलिए
कि - फलते हुए आम के डाल हीं सदैव झुका करते है | ...... ( न्यूज़ / फीचर
:- भव्याश्री डेस्क )

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