उत्तरप्रदेश के कारोबारी मनीष गुप्ता की संदिग्ध हालत में मौत , पुलिसकर्मी हुए निलंबित | Bhavyashri News
- by Admin (News)
- Sep 30, 2021
उत्तरप्रदेश के गोरखपुर जिले में कानपूर के एक कारोबारी जिनका नाम मनीष गुप्ता है | एक होटल में संदिग्ध हालत में मौत का मामला उजागर हुआ , जिसमे तहकीकात जारी है | परन्तु पुलिस के पास इसका मामला दर्ज नहीं किया जा रहा था | बताया जा रहा था कि - मनीष गुप्ता का संदिग्ध मौत नहीं बल्कि बिस्तर से जमीन पर गिर जाने के कारण सर से निकले खून के कारण हॉस्पिटल में पहुँचाने के बाद हुआ |
यह मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जब पास पहुंचा , तो उनके हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है |
मृतक की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता की शिकायत पर रामगढ़ ताल थाना प्रभारी समेत 3 पुलिस कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है | मनीष गुप्ता की मौत होटल में छापेमारी के दौरान हुआ था |
आपको बता दे कि - सोमवार की रात , पुलिस सूचना मिलने पर रामगढ़ ताल थाना क्षेत्र स्थित होटल में छापामारी करने पहुंची थी | जिस कमरे में पुलिस पहुंची , उस कमरे में मनीष गुप्ता और उसके दोस्त ठहरे हुए थे | मनीष गुप्ता एक प्रोपर्टी डीलर है , अपने 3 दोस्त के साथ वो गोरखपुर घूमने आये थे | जिसमे - प्रदीप चौहान जिनकी उम्र 32 वर्ष है , हरदीप सिंह चौहान इनकी उम्र 35 वर्ष है और सीकरीगंज के महादेव बाजार के रहने वाले चन्दन सैनी , इन तीनों के साथ कानपुर के निवासी मनीष गुप्ता जिनकी उम्र 38 वर्ष है , ये सभी गोरखपुर घूमने आये थे |
बीते 27 सितम्बर को पुलिस ने होटल व सराय की जाँच पड़ताल की | वे गुड़गांव और लखनऊ के रहने वाले है | दोनों दोस्त ने अपना - अपना आधार कार्ड भी पुलिस को दिखाया था | मनीष गुप्ता नींद में बिस्तर पर सोये हुए थे | आवाज से नींद खुल गई और वे बिस्तर से नीचे गिर गए | इससे उनके मुंह में चोट लग गई | पुलिस न बताया है कि - ये तीनों हीं युवक नशे में थे | पुलिस , मनीष गुप्ता को ईलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले गई , वहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया |
यह तो रही पुलिस के अनुसार उनकी बातें | परन्तु मनीष गुप्ता के दोस्त और उनकी पत्नी मीनाक्षी गुप्ता का आरोप है कि - मनीष गुप्ता की मौत पुलिस की पिटाई से हुई है |
मनीष गुप्ता की संदिग्ध मौत की मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में SSP रामगढ़ , ताल थाना प्रभारी सहित 6 पुलिसकर्मियों को पहले से हीं निलंबित किया जा चूका है | वहीं यह मामला गरमाता हुआ नजर आ रहा है , जिसमे अब सियासत तक बात घुमती हुई नजर आ रही है | जिसमे समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और योगी आदित्यनाथ की सरकार प्रणाली पर निशाना साधा |
उत्तरप्रदेश के ADG लॉ एंड आर्डर ने कहा कि - मनीष गुप्ता की मौत गिरने से हीं हुई है | तलाशी के दौरान उनके पास जरुरी कागजात नहीं थे , इसलिए वे पुलिस से बचने व भागने का प्रयास कर रहे थे | जबकि मनीष गुप्ता की पत्नी और उनके दोस्तों का कहना है कि - जब छापेमारी के दौरान पुलिस होटल पहुंची , तो पूरी कागजात देखने के बाद दोस्तों से और मनीष से पुलिस की हाथापाई भी हुई थी |
पुलिस का दावा कि - मनीष गुप्ता की बिस्तर से गिरने पर सर में गंभीर चोट के दौरान उनकी मौत हुई | जबकि मीनाक्षी गुप्ता यह मानने को तैयार नहीं है और उनकी शिकायत है कि - मनीष की मौत पुलिस की पिटाई से हुई है | अब मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद मामला तो दर्ज हो चूका है |
मृतक व्यापारी मनीष गुप्ता के पोस्टमार्टम के बाद शव को उनके परिवार को सौप दिया गया है | साथ हीं मुख्यमंत्री अनुकम्पा कोष से मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है |
उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हाई कोर्ट के सिटिंग जज से इस मामले की जाँच कराने की बात की है | योगी सरकार पर उन्होंने आरोप भी लगाया और कहा कि - सारे साक्ष्य और सबूत मिटा दिए गए है | उन्होंने 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का एलान करते हुए राज्य सरकार से मांग किया है कि - वे मनीष गुप्ता की पत्नी और परिवार को 2 करोड़ का मुआवजा दे |
अब सवाल है कि - मनीष गुप्ता के मौत के बाद इनके परिवार का परवरिश कौन करेगा ? हालात बहुत हीं बेकाबू है | आगे इस केस पर किस तरह की जाँच होगी , यह तो उत्तरप्रदेश की सरकार के हाथ में है | परन्तु इतना तो कहा जा सकता है कि - मीनाक्षी गुप्ता जिस तरीके से अपने पति के मृत्यु की जाँच करना चाहेगी , योगी सरकार किसी भी तरीके से इस जाँच को कराने में अपने कदम को पीछे नहीं हटाते हुए उन्हें हर तरह से न्याय दिलाने की कोशिश करेगी | ........ ( न्यूज़ / फीचर :- भव्याश्री डेस्क )

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