YouTube ने जर्मनी के सरकारी प्रसारण चैनल को बंद किया | सरकार ने Google को पत्र लिखा , हो रहा जीरो टोलरेंस की बात | Bhavyashri News
- by Admin (News)
- Oct 01, 2021
YouTube ने जर्मनी के दो चैनल को बंद किये | रूस के सरकारी प्रसारण "आर टी" के जर्मनी में दिखाए जाने वाले चैनल को बंद कर दिया है | बुधवार को रूस सरकार ने इस पर आक्रोश जताते हुए , अपनी प्रतिक्रिया देते हुए YouTube को चेतावनी दी है कि - इसपर जीरो टोलरेंस की नीति अपनाई जानी चाहिए | जीरो टोलरेंस नीति का विस्तार तो हम आपको इसी पेज पर नीचे देंगे | फिलहाल सरकार ने कहा है कि - "आर टी" के जर्मन चैनल को बंद करने का फैसला रुसी कानून का उलंघन है , जो YouTube ने किया है |
बीते मंगलवार को जर्मन के दो YouTube चैनल को सस्पेंड किया है | YouTube ने बंद करने का कारण Covid-19 से जुड़े दिशा निर्देश का उलंघन करना बताया है | YouTube ने कहा है कि - इन दो YouTube चैनल पर कोरोना वायरस से जुड़ी गलत सामग्री दिखाई गई है , इसलिए चैनल को बंद किया गया है | इसलिए कि फिर उसपर दूसरी सामग्री अपलोड न की जा सके | बावजूद "आर टी" ने एक अन्य YouTube चैनल का इस्तेमाल कर प्रतिबन्ध को रोकने की कोशिश की इसलिए चैनल को बंद कर दिए गए हैं |
"आर टी" की चीफ एडिटर मार्गरीटा ने YouTube के इस कदम को रूस पर जर्मनी का मीडिया युद्ध बताया है | उन्होंने कहा कि - मै रूस में डॉयचे वेल और अन्य जर्मन मीडिया पर बिना किसी देरी के प्रतिबन्ध लगाने के साथ - साथ एआर डी और जे डी एफ के कार्यालय को बंद करने की प्रतीक्षा कर रही हूँ |
Google को उन्होंने पत्र लिखा है कि - इन दोनों चैनलों पर से प्रतिबन्ध हटा दिए जाये | कई मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर - रुसी राष्ट्रपति क्रेमलिन ने कहा है कि - जर्मन चैनलों को बंद करना YouTube का फैसला रुसी कानून का उलंघन है | राष्ट्रपति क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री केस्कोव ने YouTube की करवाई को सेंसरशिप बताया है | वह इसलिए कि YouTube ने मनमानी करने पर अकुंश लगाया |
अपने - अपने तरीके से हर कोई YouTube पर आक्रोश जाहिर करते हुए इसे रुसी कानून का घोर उलंघन करार दे रहा है | पेस्कोव ने कहा - यह संकेत रशियन फेडरेशन के कानून का घोर उलंघन किया गया | यह सेंसरशिप से जुड़ा हुआ है और मीडिया में सूचना के प्रसार में बाधा उत्पन्न करता है | हमे इस मंच को हमारे कानूनों का पालन करने के लिए बाध्य करना होगा और इसके लिए उपाय करने की संभावना से इंकार नहीं करना चाहिए | इसके लिए जीरो टोलरेंस की नीति अपनानी चाहिए |
अब आपको बता दे कि जीरो टोलरेंस नीति होता क्या है ?
आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ किये जाने वाले विरोध को जीरो टोलरेंस नीति कहा जाता है | जिसमे किसी भी तरह के हड़कतों को बर्दाश्त नहीं किया जाता है | सरकार भी अपने देश में यह जीरो टोलरेंस नीति अपनाती है | इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि - बने हुए नियम पर चलने से इंकार केर देना , जिसमे देश की छति होती है जिसपर सरकार को करवाई करने के लिए बाध्य होना पड़ता है | अपने देश की गरिमा को बनाये रखने के लिए हीं देश में नई धारा व कानून बनाये जाते हैं |
वैसे हीं YouTube का भी अपना एक नीति है | YouTube ने अपने गाइड लाइन में स्पष्ट किया है कि - यह प्लेटफ़ॉर्म सभी को एक समान अधिकार देता है | बड़ा और छोटा , सरकारी या फिर गैर सरकारी के हिसाब से YouTube के बनाये गए नियम में कोई परिवर्तन नहीं होता , यह बात सभी YouTube क्रिएटर्स को भलीभांति पता है | अगर आप इसके रूल्स को तोड़ते है तो कम्युनिटी गाइड लाइन स्ट्राइक YouTube की तरफ से दिया जाता है | पहली गलती करने पर वार्निंग देकर छोड़ दिया जाता है | परन्तु इसके बावजूद अगर क्रिएटर्स तीन और ऐसे विडियो 90 दिन के अन्दर अपने चैनल पर अपलोड करता है , जो विडियो YouTube के नियम को उलंघन करता है | तो इस स्थिति में YouTube डायरेक्ट उस चैनल को हमेशा - हमेशा के लिए डिलीट कर देता है , जहाँ पर रिक्वेस्ट की कोई गुंजाइश नहीं होती |
YouTube से आग्रह करके उस चैनल को वापस लाना अलग बात है | परन्तु जीरो टोलरेंस की नीति अपनाने की चेतावनी देना क्या एक सरकार को शोभा देता है ? ऐसे में वहां के नागरिकों पर भी असर कुछ ठीक नहीं पड़ने वाला | जिसकी सरकार हीं किसी के द्वारा बनाई गई नीति पर चलने को तैयार नहीं | YouTube ने अपनी नीति को स्पष्ट रूप से प्लेटफ़ॉर्म पर छोड़ा है , जिसे जानना सभी क्रिएटर्स के लिए जरुरी है |
सरकार और YouTube दोनों को सूझ बुझ से इस समस्या को सुलझाते हुए आगे बढ़ना होगा , न कि चेतावनी , हिदायत और जीरो टोलरेंस नीति | खैर .... हर किसी को समस्या से बचना चाहिए , उलझना नहीं | क्यूंकि यह बढ़ती हुई गति को रोकता है | ...... ( न्यूज़ / फीचर :- आदित्या , एम० नूपुर की कलम से )

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