बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रानावत पर सिख समुदाय के श्री गुरु सिंह सभा मुंबई ने केस दर्ज कराया | Bhavyashri News
- by Admin (News)
- Nov 23, 2021
बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रानावत पर एक और केस दर्ज किया गया | लोग कहते है - कंगना के लिए यह कोई नई बात नहीं है | परन्तु इस बार इनपर केस दर्ज किया है सिख समुदाय के श्री गुरु सिंह सभा मुंबई ने और इनपर IPC की धारा 153 , 153B , 504 , 505 , 505-2 और आईटी एक्ट 2000 की धारा 79 के तहत मामला दर्ज किया गया है | कंगना के साथ इस केस में शामिल है अतुल मिश्रा भी |
यह मामला कंगना रानावत के द्वारा एक पोस्ट लिखे जाने पर उछाल ले लिया | उन्होंने लिखा था - हो सकता है कि आज खालिस्तानी आतंवादियों के कारण सरकार के हाथ बंध गए | लेकिन ये नहीं भूलना चाहिए कि - एक औरत केवल एक महिला प्रधानमंत्री ने इनको अपनी जूत्ती के नीचे कुचल दिया था | चाहे उसने इस देशके लिए कितनी भी पीड़ा क्यूँ न सही हो ? उसने अपनी जान की कीमत पर इन्हें मच्छरों की तरह कुचल दिया था , लेकिन देश के टुकड़े नहीं होने दिए थे | इतना हीं नहीं उनकी मौत के दसकों बाद भी आज भी उसके नाम से कांपते है , इनको वैसा हीं गुरु चाहिए |
वहीं अतुल मिश्रा ने भी सोशल मीडिया के सहारे इसी तरह का पोस्ट किया था कि - सरकार भिड्तंत्र के लिए अति संवेदनशील है | असली किसान हीं असली लूजर है , क्यूंकि कानून उनके लिए हीं फायदेमंद थे |
गुरु सिंह सभा की लोयर सबीना बेदी सचर के माध्यम से इस केस को दर्ज करवाया गया है |
सरकार के फैसले से नाखुश कंगना रानावत जहाँ सरकार ने अपनी तीनों कृषि कानून वापस लेने का फैसला सुनाया था , कंगना ने अपनी नाराजगी कुछ इस प्रकार प्रगट करते हुए लिखा - यह बेहद शर्मनाक और अनुचित है | कंगना ने पुनः शब्दों को आगे बढ़ाया और लिखा- दुखद , शर्मनाक , बिलकुल अनुचित | अगर संसद में चुनी हुई सरकार की जगह सड़को पर लोगों ने कानून बनाना शुरू कर दिया ....... तो यह भी एक जिहादी राष्ट्र है | उन सभी को बधाई जो इस तरह चाहते थे |
कंगना रानावत भले हीं प्रधानमंत्री मरेन्द्र मोदी के द्वारा तीनों कृषि कानून को वापस लिए जाने का फैसला शुक्रवार को सुनकर नाखुश हुई | परन्तु वहीं इस फैसले से सोनू सूद , दीया मिर्जा , अमीषा पटेल , तापसी पन्नू , ऋचा चड्ढा , हिमांशु खुर्राना , अनिल शर्मा आदि कई सेलेब्रिटी प्रधानमंत्री के इस फैसले से ख़ुशी जताते हुए शकुन भरा अनुभव पाया |
कंगना ने अपने विचार में लिखे है - यदि धर्म बुराई पर विजय प्राप्त करता है , तो वह उसे बेअसर कर देता है | यदि बुराई धर्म पर विजय प्राप्त करती है , तो वह भी बुराई बन जाती है | गलत का साथ आपको गलत बना देता है |
कुछ फेक न्यूज़ भी सामने आये है , जो देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के ट्विट के रूप में एक सन्देश को छोड़ गया | जिसमे लिखा था - कंगना रानावत को पद्मश्री देने पर शर्मिंदा हूँ | इस बात से सभी अवगत है कि - 8 नवम्बर को कंगना को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था | कंगना रानावत के कटु शब्द या उनकी विचारधारा से या फिर कहा जाए कि - वे बातों को किस तरह सामने रखती है और वे बेअसर होकर पुनः उन्हें घायल कर जाती है | कंगना के दिल में ऐसी कौन सी पीड़ा घर गई जिससे वे उबलती हुई पानी की तरह अपने विचारो को सोशल मीडिया पर परोस दिया |
एक विवादित ब्यान जिसमे उन्होंने 1947 में मिली आजादी को भीख बताया था , जो उचित नहीं था | इससे लोग नाराज हो गए | परन्तु यह माना जा सकता है कि - कंगना रानावत की सोंच बिलकुल निर्मल रही होगी | मगर एक शब्द के बहुत सारे अर्थ होते है , उसी तरह उनकी लिखी गई बातों को कितने मन ने अपने - अपने ढंग से पढ़कर उन्हें पिंच किया और कुछ ने केस दर्ज कर दिया ,जो शायद ! लोगों के साथ उनको भी सोंचने पर मजबूर कर दिया होगा | खैर ........
हम बात कर रहे थे महामहिम राष्ट्रपति बनकर कुछ भी लिख देना भारत के नागरिक को शर्मिंदा करता है | यह ट्विट फेक था | अपने न्यूज़ पर व्यूज बढ़ाने या फिर गलत तरीके से मशहूर होना सरासर गलत है | सही रास्ते व सही बातों को हीं प्लेटफ़ॉर्म पर डाले तो उचित होगा ,अन्यथा लोग ऐसे प्लेटफ़ॉर्म को फूहड़ नाम देने से स्वयं को रोकेंगे नहीं |
वैसे
अभी वायरल ट्वीट जिस अकाउंट से पोस्ट किया गया था , उस अकाउंट को सस्पेंड
कर दिया गया है | राष्ट्रपति के नाम से बनाया गया यह ट्विट फेक ID से बनाये
गए थे , जिसकी पड़ताल से सब कुछ स्पष्ट होकर सामने आ गया | ..... ( न्यूज़ /
फीचर :- आदित्या , एम० नूपुर की कलम से )

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