कोरोना कहर से मिनी लॉकडाउन और मुंबई से मजदूरों का पलायन जारी
- by Admin (News)
- Apr 06, 2021
महाराष्ट्र में कोरोना का डर शायद एक भयावह रूप की तरह ईशारा कर रहा है वह इसलिए की मुंबई से लोगों के पलायन की शुरुआत हो गई है | कोरोना का बेकाबू स्पीड के बीच महाराष्ट्र में मिनी लॉकडाउन का होना एक खतरा का संकेत है |
पहले से जिसके मुंह जले हो वो स्वाभाविक है की कुछ भी फुक फुक कर हीं पियेंगे | मुंबई के बहुत पास का एक बड़ा मंडी "भिवंडी" वहां से मजदूरों का पलायन जारी हो चूका है | सूचना के आधार पर पॉवर रूम मालिकों ने कहा है कि :- पिछले वर्ष जब कोरोना आरंभ हुआ तो लॉकडाउन लगाये गए थे ऐसे में उस वक्त जो लोगों का बुरा हाल हुआ उसे भुलाया नहीं जा सकता | पद यात्रा की लाइनें और उसमे उनका जोखिम भरा सफ़र आज मिनी लॉकडाउन ने याद करा दिया और वे स्यवं को सतर्क होने के लिए कदम उठा लिए |
यहाँ से लगभग 50% मजदूर अपने घर जा चुके हैं और आज भी जाना जारी है | संभावना है की अप्रील के अंत तक मजदूरों की उड़ाने थमेंगी नहीं और भिवंडी खाली हो जायेगा | उनके पलायन से पॉवरलूम इंडस्ट्रीज , साइजिंग , मोती कारखाना , डाइंग कंपनियां एवं गोदामों के कार्य पर बहुत गहरा असर छोड़ेगा | उनसे हीं यहाँ के व्यसाय व रोजगार में हरियाली टिका है , वे चले गए तो उधोग मालिकों का क्या होगा ?
पिछली दफा अचानक ट्रेन , बस एवं उड़ानो जैसे आवागमन के साधन बंद कर दिए गए थे और मजदूरों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा था | उस गमगीन पीड़ा को महसूस करते हुए हमारे रोंगटे खड़े हो रहे है और ! जिसने इस मर्म को झेला हो उनकी स्थिति - परिस्थिति को व्यक्त कर पाना बड़ा हीं मुश्किल है | इसलिए मिनी लॉकडाउन के बाद से हीं शायद उनको समझते देर नहीं लगी कि जिंदगी करवट बदलने वाली है और उनका पलायन आरंभ हो गया |
सूचना के आधार पर शांति नगर पॉवरलूम विवर्स असोसियशन के अध्यक्ष हाजी अब्दुल मन्नान सिद्दकी ने बताया कि :- पॉवरलूम मालिकों द्वारा हाथ जोड़ने के बाद भी मजदूर अपना कदम नहीं रोक रहें हैं | वहीं पीडिकिसल के पूर्व चेयरमैन एवं भिवंडी पद्मानगर पॉवरलूम विवर्स असोसियशन के पुरोषत्तम बंगा ने बताया कि :- इस समय रात्रि लॉकडाउन है जिसके तहत शाम 8 बजे से सुबह 7 बजे तक सभी दुकानें बंद करा दिया जाता है | रात्रि के समय पॉवरलूम चलाने वाले मजदूरगण घंटे दो घंटे बाद चाय व बीड़ी पीते है लेकिन ! चाय की दुकानें व होटल 8 बजे हीं बंद होने लगी है |
परिस्थिति कहीं ऐसा न उतपन्न हो जाये कि यहाँ का कपड़ा व्यवसाय उठकर गुजरात में सिफ्ट होने की तरफ अपना रुख मोड़ लें | सारें व्यवसायीगण अब एकत्रित होकर ऐसा हीं सोंच रहे हैं | व्यवसायी अगर अपना व्यवसाय का रुख मोड़ ले तो ! इस राज्य का क्या होगा ?
फिल्म इंडस्ट्रीज का यहीं हाल देखा जा रहा है | पिछले वर्ष लॉकडाउन में उत्तरप्रदेश में एक नया फिल्मसिटी बनाने का एलान योगी आदित्यनाथ ने कर दिया जिसका असर मुंबई झेल रहा है , मुंबई की फिल्म गति धीमी पड़ गई | कहीं ऐसा न हो की कपड़ा व अन्य फैक्ट्रियों की हालत भी यहीं हो जाए चूकि लोग उत्तरप्रदेश , बिहार , झारखण्ड , उतारखंड आदि से मजदूरी करने आते हैं | उनके घर के आसपास हीं बिजनेस आरंभ हुआ तो बसेरा तो बन ही जायेगा और उधोग धंधे फलने फूलने लगेंगे | कुआं वहीं क्यूँ न बनवाई जाए , जहाँ प्यासे राह तकते हो | .... ( न्यूज़ :- भव्याश्री डेस्क )

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