रोटी बैंक खोलकर , लोगों का पेट भरने वाले किशोर कांत का कोरोना से मौत
- by Admin (News)
- Apr 17, 2021
बिहार के सासाराम के रहने वाले किशोर कांत जो बनारस में लंका के पास महेश नगर कॉलोनी में परिजन के साथ रहते थे | 2017 में वे बनारस में रोटी बैंक खोलकर गरीबों का पेट पालना शुरू किया | इतना तक की साथियों के साथ मिलकर शादियों या पार्टी में बचे भोजन को एकत्र कर गरीब इलाकों में घूमकर भोजन बांटते थे |
पिछले लोक डाउन में भी वे हॉस्पिटल में भूखे कोरोना मरीज का पेट भरने जाया करते थे | इस भयावह डर के बीच भी उनके कदम रुके नहीं और वे मरीजों का सेवा करते दिखे |
बीते कुछ दिनों से वे बीमार थे | दिन व दिन सेहत ख़राब होती जा रही थी , पश्चात् उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया जहाँ उनकी कोरोना रिपोर्ट पोजेटिव आई | फिर हालत और भी नाजुक बन गई और बीते गुरुवार उन्होंने अंतिम साँस ली |
किशोर कांत को भरोषा था कि वह बहुत जल्द स्वस्थ हो जायेंगे और फिर अपनी उसी मुस्कराहट के साथ वापस आयेंगे परन्तु वक्त के हारे हार है , वक्त के जीते जीत और उनका भरोषा वहीं मात खा गया | बीमार अवस्था में उन्होंने एक विडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था जिसमे उन्होंने कोरोना के विषय में अपना अनुभव शेयर किया | लोगों को मास्क लगाने , सोशल डिस्टेंस का पालन करने के व हद से ज्यादा सावधानी बरतने हेतु गुजारिश किया है | उन्होंने कहा है :- जो मै झेल रहा हूँ आप न झेले |
कोरोना का नाम सुनते हीं लोग आप से दूर हट जाते है , रिश्ते - नाते भी काम नहीं आते और हॉस्पिटल में भी यहीं हाल है | कोरोना के मरीज को लोग दुत्कारते हैं , मोहब्बत कहाँ है ?
अपनी शब्दों में उन्होंने हाथ जोड़कर , पांव पकड़कर , लोगों को कहा है कि :- कोरोना को हल्के में ना ले , ये जिंदगी गटक जायेगी | किशोर कांत को क्या पता था की उनकी जिंदगी चंद पल की मेहमान है |
आज उनकी मृत्यु से उनके परिजन , उनके चाहने वाले और वे गरीब तबके के लोग जिनका पेट उन्होंने भरा और भर रहे थे आज वह हाथ उनके सर से उठ गया | पिछले कोरोना काल के लॉकडाउन की अवस्था में उन्होंने निडरता से घर - घर भोजन पहुंचाया | ऐसा माना जाता है कि भूखे को भोजन देने से इंसान भगवान को भोजन कराता है और यही सोंच रखकर किशोर कांत हर इंसान को भोजन कराते रहें |
अब ! इस लॉकडाउन की अवस्था में उन लोगों का क्या हाल होगा ? जिनका पेट इनके दिए गए भोजन से तृप्त होता रहा , मन को ठंढक देती रही | बहुत दुखी कर गया किशोर कांत की मृत्यु | उनका दुनियां से जाना बहुत बड़ा क्षति है , जिसकी पूर्ति संभव नहीं |
मास्क पहनना न भूले और सोशल डिस्टेंस का पालन हर हाल में रखें | याद रहे आपको अपनी जिंदगी अपनों के लिए बचाना है < जिंदगी न मिलेगी दूबारा | ..... ( न्यूज़ / फीचर :- भव्याश्री डेस्क )

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