जोधपुर के जेल में आशाराम बापू हुए कोरोना संक्रमित , ICU में भर्ती |
- by Admin (News)
- May 06, 2021
आशाराम बापू एक ऐसा नाम है , जो कुछ वर्ष पहले तक लोगों के आँखों में धुल झोंक , शोहरत की बुलंदियों तक का सफ़र तय किया | लोग अनजाने हीं सही , इन्हें सर - आँखों पर बिठाते चले गए और ये रातों - रात बन गए आशाराम बापू |
बापू शब्द के कई मायने है और कई एक जिम्मेदारी भी , जिसे निभाना पड़ता है | लेकिन ये कलयुगी बापू ने तो एक नाबालिक छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न में , आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं | अब इनके नाम से बापू शब्द को अलग कर , उम्र को देखते हुए सिर्फ "जी" संबोधन करना ज्यादा उचित जान पड़ेगा |
अभी कोरोना महामारी से अपना देश त्रस्त है | ऐसे में कोरोना का बढ़ता कदम , जेल के प्रांगण तक भी पहुँच चूका है , जिससे कैदियों के बीच भी संक्रमण पैदा हो रहे हैं | जोधपुर जेल में कुछ कैदियों के बीच संक्रमण पाया गया , उसके बाद आशाराम जी का भी सेंपल लिया गया | प्राप्त रिपोर्ट में , उनमे कोरोना संक्रमण पाया गया | इसके बाद जेल में हीं आशाराम का इलाज किया गया , परन्तु रात को तेज बुखार और ऑक्सीजन लेबल गिरने के बाद , उन्हें महात्मा गाँधी अस्पताल लाने का फैसला किया गया | फिलहाल आशाराम जी का कोरोना वायरस के कारण और ऑक्सीजन लेबल कम होने पर उन्हें ICU का सहारा देना पड़ा | इसके बाद भी अभी उन्हें जोधपुर AIMS भेजने की तैयारी हो रही है |
स्थित / परिस्थिति सभी कुछ ऊपर वालों के हाथ में है | जमीन का साधारण सा तुच्छ इंसान भी कभी - कभी ईश्वरीय शक्ति से परिपूर्ण हो जाया करता है और अपनी साधना शक्ति से भगवान को भी जमी पर बुला लेता है | इसलिए कहा गया है कि - भक्त के वश में है भगवान | परन्तु आशाराम जी को लोगों ने धरती का भगवान मानकर बापू संबोधित करने लगे थे | मगर अफ़सोस की उन्होंने एक नाबालिक बेटी की गरिमा के साथ हीं घिनौनी हरकत कर , अपनी बनायी हुई प्रतिष्ठा को शर्मशार कर दिया |
इनपर आरोप लगाया गया :- 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के महापर्व के दिन | एक नाबालिक छात्रा के साथ 2013 में अपने मणाई गाँव के पास वाले एक फॉर्म हाउस में उसके संग यौन उत्पीड़न का खेल आरंभ किया | मगर वो ये भूल गए की सभी लड़कियां एक सी नहीं होती | कभी - कभी खौलता हुआ पानी , अपने पाँव पर भी गिर जाता है और ऐसा हीं हुआ की , उनका दुर्भाग्य या दर्शंनार्थियों का सौभाग्य कि , उस मजबूत छात्रा ने 20 मई 2013 को दिल्ली के कमला नगर पुलिस ठाणे में आशाराम के खिलाफ मामला दर्ज कराया | नाबालिक का यौन उत्पीड़न करने का मामला , जोधपुर पुलिस ने आशाराम के खिलाफ दर्ज किया |
साक्ष्य , सबूत के तौर पर 31 अगस्त 2013 को इंदौर से आशाराम को गिरफ्तार कर जोधपुर लाया गया | उसके बाद से आशाराम जेल में बंद है और उम्र कैद की सजा काट रहे है | करीब दर्जनों बार उन्होंने जमानत मिलने का प्रयास किया , कराया मगर असफल रहें |
अब हालात यह है की , राजस्थान के जोधपुर सेन्ट्रल जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे आशाराम जी का अंत ईश्वर ने किस विधि लिखा है ? सोंचना मुश्किल है ! क्या मिला इस जागरण से , मुट्ठी भर की तुच्छ खुशियों से | लोगों ने तो अंधविश्वास में ही सही , इन्हें सर - आँखों पर बिठाकर भगवान हीं मान लिया | इससे तो अच्छा था बापू बने बिना हीं जिंदगी काट लेते | बापू शब्द को शर्मशार तो नहीं करते जमाने के सामने | अब तो नाम के आगे भी बापू लगाना कितनों को शर्मशार करेगा |
शब्द का अंत कहीं नहीं , लेकिन ! शब्द के अर्थ का , उसकी प्रतिष्ठा का और उसके रिश्ते का फर्क पड़ता है जिंदगी में | अपनी कोशिश ये रहनी चाहिए की रिश्ते बनाने से पहले , रिश्ते का मतलब समझना निहायत जरुरी है | तभी बने हुए रिश्तों से मान / प्रतिष्ठा मिलती है और दुनियां से विदाई लेने के बाद भी लाखों आँखों से आंसूओं की धाराएँ समंदर बहाती है | ........ ( न्यूज़ / फीचर :- भव्याश्री डेस्क )

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