बर्गर में इंसानी उंगली मिलने से मची हलचल , सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मैसेज | Bhavyashri News
- by Admin (News)
- Sep 18, 2021
अक्सर हम देखते हैं की - पैकेट बंद खाना की तारीख समय से बढ़ जाने के बावजूद दूकान में बिकने के लिए तैयार रहती है | कुछ लोग तारीख देखते हैं और कुछ लोग देखे बिना खरीद लेते है ,खा लेते है | जिससे शरीर में कई अंदरूनी बीमारियाँ घरकर जाती है और पता हीं नहीं चलता कारण का | दूसरी बात रेस्टोरेंट में जब भी नास्ता या खाने की होटल में खाना खाया जाता है , तो वहां पहले का बना खाना भी मिश्रित कर , लोग थाली में डाल देते है |
अक्सर ग्राहक यह समझ नहीं पाते कि खाना कब का बना है | सिर्फ थाली में गर्म खाना , जो देखने में खुबसूरत लगता है ,लोग खा लेते है | मान लीजिये 10 kg गर्म खाने में 2 kg बासी खाने भी मिला दिए जाए , तो कोई अंतर नहीं पड़ता | अंतर पड़ता है आपके शरीर पर |
हम फ़ास्ट फ़ूड की बात करे , तो आज सिर्फ विदेशों का हीं नहीं , भारत में भी फैशन बन गया है - आर्डर देकर खाना घर पर माँगा लेने का | पांच - छः दिन पूर्व का बना खाना पैकेट बंद बाजार में बिक रहा है | लोग धरले से खरीद रहे हैं ,खा रहे हैं , बीमार पड़ रहे हैं और लाइलाज बीमारी उत्पन्न होने के कारण वे मर भी रहे हैं |
चलिए हम आपको एक चौका देने वाली घटना से वाकिफ करा दे - सूचना के आधार पर यह घटना बोलीविया का है | जहाँ एक महिला के बर्गर में इंसान की 2 उंगली पाई गई | चौंक गए न आप , ऐसे खाने के विषय में पढ़कर , सोंचकर ! आपके मन के अन्दर घृणा भी हो रही होगी , परन्तु यह घटना सत्य है | अक्सर ऐसी बातें हमें देखने / सुनने व पढ़ने को मिल हीं जाता है |
अतिरिक्त ऐसे बहुत सारे जीव होते है , जिन्हें जानवर तो एक - दूसरे को खा जाते है | परन्तु ऊपर वाले ने मनुष्य के लिए दूध , फल , अन्न , साग - सब्जी , मेवा - मिष्ठान आदि न जाने कितने प्रकार धरती पर उत्पन्न कर परोस रखा है | ऊपर वाले का यहीं विचार - सात्विक खाना खाया जाए और मन भी सात्विक हो | परन्तु इंसानी प्रवृति ने जीव - जंतु को भी नहीं छोड़ा | राक्षसी प्रवृति बनकर इंसान उन्हें निवाला बनाने से चुके नहीं है | खैर ..... हम बात कर रहे हैं बोलीविया के बर्गर का |
तो एक महिला ने फ़ास्ट फ़ूड को लेकर अपना अनुभव साझा किया है | उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा कर लिखा - कुछ समय पूर्व सुपर मार्केट से बर्गर लिया था | जब महिला बर्गर लेकर अपने घर आयी , तो उसे गर्म किया | फिर गर्म बर्गर को वो खाने बैठी , तो खाने के बाद बर्गर सॉफ्ट नहीं लगा | जब बर्गर को ध्यान से देखा , तो उनकी दृष्टि खुली की खुली हीं रह गई |
दृश्य हैरान करने वाला था - उस बर्गर के अन्दर इंसान की कटी हुई उंगली थी | उंगली देखकर वे परेशान हो गई | इस महिला का नाम एस्तेफ़नी बेनिटेज है | एस्तेफ़नी ने जैसे हीं बर्गर खाया , तो उन्हें खाने में कड़ापन लगा | शक के आधार पर बर्गर की तलाशी ली और फिर सारी वस्तुस्थिति ऊपर आप पढ़ चुके है |
सूचना के आधार पर हम आपको बता दे कि - बर्गर बनाते समय एक वर्कर की दो उंगलियाँ कट गई थी | अपनी कटी हुई उँगलियों पर उसने ध्यान नहीं दिया | आसपास ढूंढा भी नहीं और उंगली बर्गर में पैक कर दिया |
अब अंदाजानुसार हम आपको बता दे कि - जिस वर्कर की उंगली कटी , उस वर्कर को पता जरुर चला होगा ! वर्कर अपनी कटी हुई उंगली को वहीं छोड़कर अपनी इलाज के लिए उस स्थान से निकल गया होगा | दूसरे वर्कर ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया होगा और उसने वर्कर की कटी उंगली भी बर्गर में डालकर पैक कर दी |
इस घटना के बाद इसपर प्रशासन की क्या प्रतिक्रिया होगी और इस रेस्टोरेंट पर कौन सी धारा लगाईं जायेगी या फिर कितन जुर्माना लगाने वाला है ? यह तो आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा |
हम यह नहीं कहते कि - हर रेस्टोरेंट में ऐसा हीं होता है | परन्तु इतना तो हम दावा कर सकते है कि - घर के जैसा खाना आपको कहीं भी नसीब नहीं हो सकता | वो कितना भी धनी होटल क्यूँ न हो | आप इस बात को यकीन मानिए कि - जब भी हमने बड़े - बड़े होटल के किचेन में प्रवेश किया है , तो वहां का दृश्य देखकर मेरे खाने की इच्छा जाती रही | हम वहां का बना खाना , खाने की हिम्मत भी नहीं जुटा सके | वहां की गन्दगी और लापरवाही देखकर हमारी भूख मिट गई | बाहर के टेबल पर नाईट बल्ब , सुगन्धित वातावरण और म्यूजिक देखकर लोग मुग्ध हो जाते है | कहाँ सोंच पाते है दूर तलक या फिर ऐसा कि - जब इंसान संज संवरकर अपनी चेहरे पर मुस्कराहट लिए आता है , तो उसके अन्दर का दर्द सामने वाले को दिखाई नहीं पड़ता | रेस्टोरेंट का भी समझ लीजिये कुछ ऐसा हीं हाल है |
बोलीविया के रेस्टोरेंट वर्कर के मानसिकता पर हीं नहीं सवाल खड़ा होता है , बल्कि रेस्टोरेंट की व्यवस्थापक की लापरवाही पर भी कई सवाल खड़े होंगे कि - आखिरकार ऐसी लापरवाही उनके किचेन घर में क्यूँ पनपी ?
सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल हो रही है | इस विडियो को देखकर लोग अपना - अपन मंतव्य दे रहे हैं | अब इस विषय पर आपके मन में क्या चल रहा है ? अगर आप भी जनता तक अपना विचार पहुँचाना चाहते है या फिर अपनी कुलबुलाती हुई सोंच को एक गति देने के लिए अपने नाम से अपने संवाद को लोगों तक शेयर करना चाहते है या फिर आपने कहीं ऐसी घटना देखी / सुनी या फिर आपके साथ घटित हुई है , तो आप इसे हम तक शेयर कर सकते है | हम उसे जनहित में जारी करने के लिए बाध्य है |
होटल का खाना सेहत के लिए ठीक नहीं | ये अलग बात है कि - लोग भूख मिटाने के लिए मजबूरन होटल का खाना खा लेते हैं | अपनी सेहत पर थोडा ध्यान दीजिये - अपने घर का टिफिन आपके सेहत को मालामाल करेगा और आप तंदरुस्त सेहतमंद बने रहेंगे | यकीन मानिए - इन दिनों इंसानी जिंदगी पर जिस तरह मिलावटी फ़ूड का आक्रमण तेजी से सेहत पर पड़ रहा है और इंसानी जिंदगी 50 से पहले हीं डैमेज होती हुई दिखाई पड़ रही है | यह 30 - 40 वर्ष पहले तो नहीं था , मनुष्य 100 साल भी पाड़ कर लिया करते थे , वो भी स्वास्थ्य रहकर | आज ऐसा क्यूँ नहीं है ? ये सिर्फ साधारण बात नहीं है , बल्कि यह बहुत बड़ा सवाल है - हम , आप सबके लिए | खैर ....... स्वस्थ रहिये , तंदुरुस्त रहिये और सतर्क भी रहिये | ......... ( न्यूज़ / फीचर :- भव्याश्री डेस्क )

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