कुत्ते की प्रजाति व स्वभाव , कुत्ते इंसान के ग्रहदोष बताते हुए उसका निवारण भी करता है | Bhavyashri News
- by Admin (News)
- Oct 10, 2021
जानवरो की अगर हम बात करे तो , कुत्ते को एक वफादार होने की पदवी दी जा सकती है | कुत्ते में एक अद्दभुत विलक्षण शक्ति प्राप्त है , जिससे वह होने वाली घटना को पूर्व में हीं महसूस करके अपनी भाषा से संकेत भी दे देता है |
भारत में आवारा कुत्ते की कमी नहीं , उनमे कुछ विशेष कुत्ते भी होते है , जिनका पालन पोषण बहुत हीं उम्मदा तरीके से किया जाता है | जिसमे हम भारत की बात करे तो 10 जाति के कुत्ते से लोग बहुत हीं ज्यादा प्यार करते है |
जैसे - लेब्राडोर
इस नस्ल के कुत्ते अनुशासन का पालन करने में सबसे आगे और अहम भूमिका निभाते है | ये खेल - कूद में भी हिस्सा लेते है और इन्हें लोगों से खूब प्रेम रहता है | ऐसे कुत्ते सेना के लिए भी परफेक्ट और पहली पसंद माना जाता है |
मालटीज - ये कुत्ते घर की रखवाली और शोभा बढ़ाने के काम में ज्यादातर रखे जाते है | ऐसे कुत्ते बहुत हीं गोल - मटोल और इनकी उंचाई बहुत हीं सीमित होती है | इनके बदन पर बहुत हीं रेशमी जैसा बाल देखा जा सकता है | लोग इन्हें गोद में बिठाकर इनके बालों को सहलाते हुए प्यार करते है | इंसान के इस तरह के प्यार से कुत्ते को भी बहुत आनंद आता है और कुत्ते समझते है कि - यह मेरा अपना आदमी है | ऐसे कुत्ते को अपार्टमेन्ट में रहने वाले लोग रखने के शौक़ीन होते है और इन्हें पालकर स्वयं को एडवांस महसूस करते / कराते है |
गोल्डन रिट्रीवर्स - इस नस्ल के कुत्ते को लोग भारत में बहुत पसंद करते है | ये खेल - कूद में तो माहिर होते हीं है , साथ हीं दिल के भी बहुत अच्छे होते है | ये अपने मालिक के साथ हीं घूमना पसंद करते है , साथ हीं उनके पैरो पर सोना भी इन्हें बहुत अच्छा लगता है | जहाँ छोटे बच्चे होते है , उस घर में लोग ऐसे कुत्ते को रखना पसंद करते है |
न्यूफाउंडलैंड डॉग - ऐसे कुत्ते भी बच्चों के लिए खास अहमियत रखता है , क्यूंकि इनकी दोस्ती बच्चों से बहुत जल्द हो जाती है | इस नस्ल के कुत्ते तैराक भी होते है | बहुत पहले की बात है - एक बार नेपोलियन बोनापार्ट डूब रहे थे तो उन्हें इसी नस्ल के कुत्ते ने डूबने से बचाया था |
पैमब्रोक वेल्श कॉरगिस - इनके विषय में दन्त कथाओं में दर्ज कुछ ऐसी बात है , जिसे पढ़कर महसूस किया जा सकता है कि लगभग आदमी के सारे लक्षण इसमे मौजूद है | इस नस्ल के कुत्ते का आकार बहुत बड़ा नहीं होता | पैमब्रोक को परियों की सवारी का साधन बताया गया है | अजनबी लोगों के पास ये फटकते तक नहीं | यह मन के संकोची होते है और इनकी खुराक भी बहुत ज्यादा होती है |
पुर्तगीज वाटर डॉग - इसकी नस्ल पुर्तगाल के अलग्रेव इलाके से सम्बन्ध रखने वाला है | इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से मछुआरे , मछलियों की आवाज सुनाने के लिए करते है | भारत में इसका नस्ल अमेरिका से आया है | इन्हें कोई भी प्रशिक्षण आसानी से दिया जा सकता है और ये बहुत हीं जल्द उसमे पारंगत भी हो जाते है |
पूडल्स - ये कुत्ते जलसी प्रवृति के होते है , इनकी खासियत बहुत अलग - थलग है | यह कोई भी ट्रेनिंग बहुत जल्दी कैच करते है , परन्तु इनमे एक बात उभरकर जो सामने आती है , वह यह कि - यह अपने मालिक के अलावा किसी के साथ घूमना पसंद नहीं करते | दूसरी बात की ये आक्रामक भी हो सकते है |ये दूसरे नस्ल के कुत्ते को पसंद नहीं करते |
बीगल्स - इनमे किसी भी चीज को सूंघने की जबरदस्त क्षमता होती है | इनका दिमाग भी काफी तेज होता है , तभी ये एयरपोर्ट पर भी स्निफ डॉग का काम करने में माहिर होते है | ऐसे कुत्ते कुछ ज्यादा हीं भौकते है | जन्म के समय से अगर ऐसे कुत्ते पास हो तो इन्हें कम बोलने की ट्रेनिंग भी दी जा सकती है | ये कुत्ते दूसरे को कभी भी नुकसान नहीं पहुंचाते है |
जर्मन शेफर्ड - ये कुत्ते बहुत हीं ईमानदार होते है , साथ हीं बहुत हिम्मत वाले भी होते है | इनका दिमाग बहुत तेजी से काम करता है | शरीर से भी ये काफी मजबूत और ताकतवर होते है | ये अकेलापन बिलकुल पसंद नहीं करते | ये हमेशा हीं इंसानों के बीच रहना पसंद करते है |
देसी नस्ल - जिसे लोग आवारा कुत्ते भी कहते है | ऐसे कुत्ते ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा पाए जाते है | ये कहीं भी जन्म ले लेते है और चलते - फिरते इनका पालन - पोषण हो जाता है और कहीं से कहीं निकल जाते है | लेकिन वफ़ादारी इन आवारा कुत्तों में भी कूट - कूटकर भरी होती है | शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण , ये रात के वक्त में ऐसे लोगों को देखकर नहीं भौकते जिनसे वह पूर्व परिचित होते है | परन्तु कोई नया चेहरा अगर इनके सामने से गुजर जाए तो उनके लिए यह खतरनाक साबित भी हो सकते है | क्यूंकि इन्हें आदमी के गंध से पता चल जाता है कि - यह उनके इलाके का रहने वाला नहीं है |
कुत्ते के पास विलक्षण शक्ति प्राप्त है |इन्हें भाग्य के संकेत का दूत भी समझा जा सकता है | शनि , राहू , केतु अगर किसी व्यक्ति पर सवार हो तो वे आसानी से अपने गृह को पहचान सकते है | इनके पास अगर आप रोटी रख दे , तो ये कितने भी भूखे क्यूँ न हो , आपके रोटी को नहीं खायेंगे , क्यूंकि कुत्ते जन्म से हीं वफादार होते है | ये आपके द्वारा दिए गए रोटी को गर खा लेंगे तो इन्हें आपका कर्ज चुकाना पड़ जाएगा |
इंसान जब भी मुसीबत में घिर जाता है तो वे समझ नहीं पाते कि हमारे पास कौन सा ग्रह और दोष चल रहा है | ऐसे में आपके द्वारा दी गई रोटी को खाना तो दूर , उससे बहुत दूर भाग जाएगा | रोटी के गंध को भी ये बखूबी पहचान लेते है कि यह रोटी खाने लायक है या नहीं | जिस इंसान ने इसे दिया है , उसपर कोई दोषग्रह है या नहीं |
कुत्ता जब दरवाजे पर रोता है , तो घर के लोगों को समझ जाना चाहिए कि घोर संकट आने वाला है | क्यूंकि कुत्ता ईश्वरीय संकेत को आपके दरवाजे तक पहुंचाता है | इस बात से निराश होने की जरुरत नहीं है , मगर इसे आप संकेत मान लीजिये | यह संकेत इंसान को सतर्क करने वाला है , इस बात को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए | ऐसे में उस कुत्ते के पास रोटी डाले , आपको समझ आ जायेगा कि - मामला कितना संगीन है | कुत्ते ने रोटी खा ली , तो समझ लीजिये आया हुआ संकेत किसी भी तरह टल गया | मगर रोटी सूंघने के बाद अगर कुत्ता छोड़ दे , तो समझ लीजिये की बहुत बड़ा आफत आने वाला है |
ऐसे में कुछ उपाय हम आपको बताने जा रहे है , जिसे आप अजमा सकते है | आपके द्वारा दिए गए रोटी को कुत्ता खाए या न खाए | मगर आप नियमति रूप से रोटी वहां पर डालते जाइए | कुत्ता बेजुबान होता है , मगर दिल का बहुत निर्मल और वफादार होता है | प्रतिदिन रोटी डालने से आपके दोष में थोड़ी - थोड़ी कमी आनी शुरू हो जायेगी | कुत्ते में प्रेम बढ़ता हुआ मिलेगा और एक दिन आप पाएंगे कि - आपके द्वारा दी हुई सारी रोटी कुत्ते ने खा ली , तो समझ लीजिये आपके सारे दोष और ग्रह समाप्त हो चुके है और आज से आपका सुखद दिन आरम्भ हो चूका है |
एक और खास बात जो आपके लिए अहमियत रखता है | जिस स्थान पर आप प्रतिदन रोटी कुत्ते को खिलाते है , उस स्थान पर आपके रोटी डालने से पहले हीं अगर कुत्ता पहुँच जाए और इंतज़ार करे आपके रोटी के लिए , तो समझ जाइए बहुत हीं अच्छे संकेत और सुखद दिन आनेवाला है आपके जीवन में |
इंसान इधर - उधर भटकता रहता है , अपने ग्रहदोष को टोटके के द्वारा समाप्त करने के लिए | मगर याद रहे दुनियां में कोई भी ऐसा टोटका नहीं , जो आपके ग्रह को ख़त्म कर दे | वह समय से आया है और समय समाप्त होने के बाद हीं आपके जीवन से जाएगा | परन्तु कुत्ता को धरती का ऐसा जीव माना गया है , जो आपके ग्रह को अपने ऊपर भी लेकर वफादारी का एक सबूत पेश करता है |क्यूंकि कुत्ते का भैरोबाबा और माता रानी से गहरा रिश्ता है | इनके मन की बात और दुआ बहुत जल्द सुन ली जाती है | इसलिए इन्हें प्रतिदिन रोटी खिलाइए और भगवान का संकेत देखते जाइए | आपके जीवन में सुख , सम्पति और समृधि बढ़ते देर नहीं लगेगा , जब कुत्ते से आपकी दोस्ती हो जायेगी |
श्रीकृष्ण ने तो इतना तक कहा है - आप किसी भी भूखे को अगर खाना खिलाते है , तो ये मत सोंचिये कि आपने उन्हें खाना खिलाया | आपको यह सोंचना है कि - आपने उनके रूप में भगवान श्रीकृष्ण को खाना खिलाया है |
नोट :- कुत्ते बेजुबान होते है , मगर इनमे इंसान से ज्यादा सेंस होता है | क्यूंकि इंसान में 5 ज्ञाननेंद्रिया मौजूद रहती है , जबकि कुत्ते में 6 और यहीं कारण है कि - उन्हें होने वाली घटना का संकेत पहले हीं मिल जाता है या फिर किसी को पकड़ने में ये पुलिस की सहायता भी बखूबी करते है | ........ ( फीचर :- आदित्या , एम० नूपुर की कलम से )

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